भारत के कई राज़, जो आज भी विज्ञान को देते है चुनौती

यह विश्व काफी छिपे हुए चीज़ों से भरा हुआ है. दुनिया भर के उत्साही और सभी रहस्यों का पर्दा-फाश करने का ध्येय रखने वाले लोग रोज़ाना किसी न किसी खोज में जुटे रहते है.

अपना भारत भी अनेक रहस्यमयी लोगों से भरा पड़ा है, उन में से कुछ जगह और चीज़े है. इन रहस्यमयी चीज़ों पर विश्व के कई वैज्ञानिकों ने अनेक प्रयोग किये, पर वह भी वे मसले हल नही कर पाए. आखिर विज्ञान ने भी उन रहस्यों के सामने हार मान ली. आज हम ऐसे ही कुछ रहस्यों के बारे में जानेंगे.

१ – प्रह्लाद भाई मगन लाल जानी

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एक निरोगी साधु जो बिना कुछ खाये अपना सेहत आज भी अच्छी तरह बनाकर रखा है, आप इन्हें जानते ही होंगे. विश्व के अनेक लोगों ने इन पर खोज भरी पढ़ाई की है. प्रह्लाद भाई कुछ भी खाते नही, कुछ भी याने कुछ भी नही. अन्न का एक दाना तक नहीं. जब दूसरा महायुद्ध खत्म होने वाला था तब उन्होंने अन्न का आखिरी निवाला खाया था.

उनका जन्म १९२९ में हुआ. उम्र के सातवें साल में उन्होंने सन्यास ले लिया. साल २००३ में डॉक्टर ने उन पर १० दिन निगरानी की, डॉक्टर चौक गए के १० दिन बाद सिर्फ रोज़ाना १०० मिली पानी पी कर प्रह्लाद भाई के शरीर की सभी प्रक्रिया यथायोग्य चल रही थी और आज भी वह कायम है. उन की इस उमदा कुदरती शक्ति का रहस्य आज भी किसी को समझ नहीं आता.

२ – प्रकाश उत्सर्जक घातक शक्ति, उत्तर प्रदेश

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उत्तर प्रदेश यह राज्य विशाल लोकवस्ति के लिए जाना जाता है. साल २००२ में इस राज्य के किसी भाग में एक प्रकाश उत्सर्जक चीज़ के कारण कई लोगों को शारीरिक हानि हुई और ७ लोग अपनी जान गवा बैठे. अनेक लोगों के मुँह और हाथ पर जख्म के निशान थे. पर आज भी कोई भी जान नहीं पाया कि हवा में उड़ने वाली वह चीज़ आखिर थी क्या! कुछ लोग कहते है की वह दूसरी दुनिया का जहाज़ (Aliens UFO) था. तो कुछ लोग कहते है कि वह दुश्मन देश का उड़ाई जहाज़ था. IIT- कानपुर के वैज्ञानिकों ऐसा कहना है कि वातावरण में हुए अनुचित बदलाव के कारण हरे और नीले रंग की ऊर्जा बाहर आयी. पर यह फिर से क्यों नहीं हुआ? यह एक छुपा हुआ रहस्य है.

३ – Kongka-La : भारत-चीन बॉर्डर का UFO base?

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भारत और चीन का LOC (Line Of Control) के क्षेत्र में Kongka-La Pass नामक एक जगह है. पिछले कई सालों से वहां अनेक अजीब आकृति के दर्शन हुए है. कभी हवा में उड़ते रकाबी, कभी दूसरी दुनिया का जीव तो कभी दूसरी दुनिया का जहाज़ (UFO). जब भारतीय सैनिकों को ऐसा कुछ दिखा तब उन्हें लगा कि वह चीन का हवाई जहाज़ है या फिर (Drone camera) ऐसा लगा. पर कई सालों तक वहां गए हुए वैज्ञानिक और लोगों को कई अजीबो ग़रीब चीज़ों का अनुभव हुआ. जब-जब उन्हें कुछ ऐसा दिखता है तब-तब वह लोग उनके सिपाहियों का बेसकेम्प हिलाते है. अमरनाथ की यात्रा को गए हुए लोगों को उस जगह दूसरी दुनिया के जीव होने का अनुभव आया. आसपास के टूरिस्ट गाइड कहते है कि वह एक (UFO Base) है.

४ – जयगढ़ के किले का रहस्यमय खजाना

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राजा अकबर यह उदार धार्मिक नीति के लिए मशहूर था. पर उसके कई अधिकारीयों को वह उचित नही लगता. उन्होंने राजा के खिलाफ षडयंत्र रचा. पर राजा को यह समझने के बाद उसने अपने निष्ठावान राजा मानसिंह को साथ मे लेकर षडयंत्र को तोड़ा और मानसिंह राजा को काबुल का गवर्नर बनाया. मानसिंह ने वहां कैई सालों तक राज्य किया और एक शहर बनाया जिसे हम आज जयपुर नाम से जानते है. ऐसा कहा जाता है के राजा मानसिंह ने राजा अकबर से छिपा कर जयगढ़ किले में कुँए खोद कर उसमें अनेक जेवरात और धन छिपाकर रखा था.

कई साल के बाद आपातकाल के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इसी छिपाए खजाने को ढूंढने के लिए प्रयास शुरू कर दिया. जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को पता चला तब उन्होंने इस खजाने पर पाकिस्तान का भी हक़ है, ऐसा दावा किया. ऐसा उन्होंने पत्र में लिखा के भारत-पाकिस्तान बटवारे के बाद देश के हर एक संपत्ति पर पाकिस्तान का भी हक़ है. तो अगर जयगढ़ में कुछ मिलता है तो उसका एक हिस्सा पाकिस्तान को भी दिया जाए. इस पर इंदिरा गांधी जी ने काफी देर तक जवाब नहीं दिया. भारत सरकार का यह कहना है कि जयगढ़ किले में कुछ भी नहीं मिलान पर उस के बाद ३ दिन सेना के लिए दिल्ली-जयपुर हाईवे बंद रखा था.

क्या सच मे जयगढ़ किले में कुछ भी नही मिला? यह आज भी एक रहस्य है.

५ – छत्तीसगढ़ की अदभुत रॉक पेंटिंग

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कुछ महीनों पहले छत्तीसगढ़ के चमारा इस विभाग के कुछ गुफा में १०,००० साल पूर्व रॉक पेंटिंग मिले. उनमें उस वक्त के जानवर, उनकी जीवनचर्या, जनजीवन इसके अनेक चित्र है. पर सबसे चौका देने वाली चीज – एक चित्र में दूसरी दुनिया का जहाज़ (UFO) था. एक चित्र में दूसरे दुनिया के जीव इंसानो का अपहरण करते हुए का दृश्य बनाया है. आस पास के गाँववासी बताते है कि हर महीने दूसरी दुनिया के जीव आते है और इंसानों का अपहरण करते हैं और वे इंसान कभी लौट कर नहीं आते.

६ – ज्वालाजी मंदिर – जलता दिया

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हिमाचल प्रदेश के कांगडा जिले में ज्वालाजी का मंदिर बसा हुआ है. यह मंदिर धर्मशाला से ५५ किलोमीटर दूर है. इस मंदिर में कभी न बुझने वाला दिया (ज्योत) है. जिसे भक्त ज्वालाजी नाम से मानते और पूजा करते है. इसके पीछे एक रोमांचक कहानी है.

भगवान शंकर और सती का विवाह सती के पिता को मान्य नही था. एक बार जब राजा दक्ष ने बड़ा यज्ञ करने की ठानी तब सबको न्योता दिया पर सती और शिवा को न्योता नहीं दिया, फिर भी सती उस जगह गई. दक्ष ने शिव का अपमान किया. यह सती से सहा नही गया और उसने क्रोध में आ कर यज्ञकुंड में कूद कई यह देखकर भगवान शंकर ने क्रोध में आकर सती का देह ले कर तांडव शुरू किया, ईस दौरान विश्व का विनाश हो जाएगा इस डर से भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से सती के देह के ५१ टुकड़े किये, वह टुकडे पृथ्वि पर जहाँ-जहाँ गिरे वहाँ शक्तिपीठे है ऐसा माना जाता है. तो ईस जगह सती की जबान गिरी उसी जगह ज्वालाजी मंदिर बनाया गया, ऐसी सोच है.

 

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मुग़लशासक अकबर ने उसके राज्य में यह दिया (ज्योत) बूजाने के कई विकल्प किये. आज भी पुजारी बिना डरे इस ज्योत में हाथ डालकर दर्शन के लिए आने वाले भक्तों के सिर पर लगाते है, पर उनका हाथ नहीं चलता. इस ज्योत के लिये कई बार खोज की गई पर आज तक उसके जलने का राज़ पता नही चला.

ऐसा कहा जाता है, जहा विज्ञान जवाब नही दे पाता वहां भगवान का चमत्कार (Supreme power) यही एक जवाब होता है. कई लोग शायद इसी रहस्यों के कारण भगवान का अस्तित्व है मानते है.

 

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