रसिया के राष्ट्रपतियों की लिस्ट में व्लादिमीर पुतिन सबसे ज्यादा बार बने राष्ट्रपति

हाल ही में रूसी राष्ट्रपति चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए व्लादिमिर पुतिन चौथी बार रूस के राष्ट्रपति बन गए है. चुनावी परिणामों के मुताबिक, “बीते 18 वर्षों से रूस की राजनीति में कायम रहने वाले व्लादिमीर पुतिन ने 75.9 प्रतिशत वोट्स के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की है औऱ चौथी बार भी रूस के राष्ट्रपति पद पर बने हुए हैं. अब दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों सुमार रूस के अब तक के चार राष्ट्रपतियों में सबसे ज्यादा बार नये राष्ट्रपति के रूप में पुतिन को चौथी बार भारी बहुमत से चुना गया है तो हर कोई पुतिन के बारे में जानना चाहेगा.

व्लादिमीर व्लादिमीरोविच पुतिन

पुतिन का पूरा नाम व्लादिमीर व्लादिमीरोविच पुतिन हैं. जिनका जन्म 7 अक्टूबर 1952 को सोवियत संघ के रूसी गणराज्य के लेनिनग्राद (वर्तमान सेंट पीटर्सबर्ग, रूस) में हुआ. पुतिन के पिता का नाम व्लादिमीर स्पिरिदोनोविच पुतिन और माता का नाम मारिया इवानोव्ना शेलोमोवा था. पुतिन की माँ एक फैक्टरी में काम करती थी. पुतिन के पिता 1930 के दशक में पनडुब्बी बेड़े में सेवा करते थे और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान शत्रु को घात लगाकर हमला करनेवाले दस्ते में भर्ती हो गए.

युद्ध के बाद उन्होंने एक कारखाने में फोरमैन के रूप में काम किया. व्लादीमिर अपने परिवार में तीसरे बच्चे थे और उनेके दो बड़े भाइयों की बाल अवस्था में ही मृत्यु हो गई थी. सन् 1975 में पुतिन ने लेनिनग्राद राजकीय विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और फिर केजीबी (राज्य सुरक्षा समिति) में काम करना शुरू किया जिसे वह सन् 1991 तक करते रहे.

पुतिन का राजनीतिक सफर

पुतिन 16 साल तक केजीबी में ऑफिसर के रूप में काम किया. जहाँ वे लेफ्टिनेंट कर्नल के पद तक पदोन्नत रहे. 1991 में सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने अपने पैतृक शहर सेंट पीटर्सबर्ग से राजनीति में कदम रखा. सन 1996 में वह मास्को में राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन के प्रशासन में शामिल हो गए एवं येल्तसिन के अप्रत्याशित रूप से इस्तीफा दे देने के कारण 31 दिसम्बर 1999 को रूस के कार्यवाहक राष्ट्रपति बने.

तत्पश्चात, पुतिन ने वर्ष 2000 और फिर 2004 का राष्ट्रपति चुनाव जीता. रूसी संविधान के द्वारा तय किये गए कार्यकाल सीमा की वजह से वह 2008 में लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति पद के चुनाव में खड़े होने के लिए अयोग्य थे. 2008 में दिमित्री मेदवेदेव ने राष्ट्रपति चुनाव जीता और प्रधानमंत्री के रूप में पुतिन नियुक्त हुए.

राष्ट्रपति कार्यकाल की समय सीमा में हुआ बदलाव 

सितंबर 2011 में, कानून में बदलाव के परिणामस्वरूप राष्ट्रपति पद के कार्यकाल की अवधी चार साल से बढ़ाकर छह साल हो गयी, एवं पुतिन ने 2012 में राष्ट्रपति पद के लिए एक तीसरे कार्यकाल की तलाश में चुनाव लड़ने करने की घोषणा की, जिसके चलते कई रूसी शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए. मार्च 2012 में उन्होंने यह चुनाव जीता और 6 वर्षों तक रूस के राष्ट्रपति रहे.

प्रधानमंत्री का पद भी संभाल चुके है पुतिन 

9 अगस्त 1999 को, व्लादिमीर पुतिन की नियुक्ति तीन प्रथम उप-प्रधानमंत्रियों में से एक के रूप में हुई और बाद में उसी दिन राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन ने उन्हें रूसी संघीय सरकार के कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया था.

अब एक बार फिर रूसी राष्ट्रपति चुनाव 2018 में पुतिन के खिलाफ सात उम्मीदवारों की कडी प्रतियोगिता में  मुख्य प्रतिद्वंदी एलेक्जई नवलनी को कानूनी मामलों के कारण इन चुनावों से बाहर कर फिर से राष्ट्रपति बन गए है. जाहिर है कि, चौथी बार रूसी राष्ट्रपति पद पर अपनी जीत कायम करने वाले व्लादिमिर पुतिन, पहली बार वर्ष 2000 में रूसी राषट्रपति चुने गए थे, जिन्होंने सत्ता संभालने के बाद से ही विपक्ष पर अपना दबदबा कायम किया है.

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