इंदिरा का रिसेप्शनिस्ट और पेप्सिको की सीईओ से आईसीसी निदेशक का सफर

पेप्सिको की चेयरमैन और सीईओ इंदिरा नूई को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया है. वह आईसीसी की पहली स्वतंत्र महिला निदेशक होंगी. जून 2018 में बोर्ड से इंदिरा आईसीसी कमान संभालेंगी.

जिसके लिए जून 2017 में आईसीसी ने स्वतंत्र निदेशक के नियुक्ति के प्रस्ताव पर सहमति दी थी. इस प्रस्ताव को स्वतंत्र निदेशक के महिला होने की शर्त के साथ मंजूरी दी गई थी. उनकी नियुक्ति 2 साल के लिए की गई है, लेकिन उन्हें दोबारा नियुक्त किया जा सकता है. तो आईये आपको बताते है इंदिरा नूई का रिसेप्शनिस्ट से लेकर पेप्सिको की चेयरमैन और सीईओ से आईसीसी निदेशक बनने तक का सफर….

इंदिरा नूयी का जन्म तमिलनाडु की एक मिडिल क्लास फैमिली में हुआ. पिता बैंक में काम करते थे और मां दोनों बेटियों की देखभाल करती थी. इंदिरा की बहन चंद्रिका टंडन म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़ी हैं और 2001 में ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट हो चुकी हैं.

इंदिरा की मां अक्सर अपनी बेटियों से पूछतीं कि वे बड़ी होकर क्या बनना चाहती हैं. दोनों बहनों में से जो बेहतर जवाब देता, उसे इनाम मिलता. दरअसल, मां द्वारा ऐसा करने का खास कारण था. वे चाहती थीं कि इंदिरा और चंद्रिका बेहतरीन काम करने के बारे में सोच सकें. वे अपने जीवन में कुछ बड़ा करने का सपना देख सकें.

IIM कोलकाता से मैनेजमेंट में डिप्लोमा करने के बाद इंदिरा ने कुछ वक्त जॉनसन एंड जॉनसन और कुछ अन्य कंपनियों में काम किया. सैलरी से इकट्ठा हुए पैसों से उन्होंने अमेरिका जाकर मास्टर्स डिग्री लेने का मन बनाया. ग्रेड अच्छे होने के कारण उन्हें येल यूनिवर्सिटी में दाखिला तो मिल गया, लेकिन फीस देने के लिए पैसे चाहिए थे.

फीस की व्यवस्था करने के लिए वे दिन के फर्स्ट हाफ में पढ़ाई करती और आधी रात से सुबह तक रिसेप्शनिस्ट का काम करती थी. कॉलेज की फीस देने के बाद बाकी बचे पैसों से इंदिरा ने नौकरी के लिए होने वाले इंटरव्यू के लिए कुछ कपड़े भी खरीदा था.

जिसे पहनकर इंटरव्यू देने गईं. सूट में पैंट की लंबाई एड़ी तक होने के कारण उनका पहनावा अजीब लग रहा था. इसके चलते इंटरव्यू में उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया. इंदिरा को इस बात से काफी धक्का लगा. उन्होंने इस बारे में अपने प्रोफेसर से चर्चा की, तो उन्होंने इंदिरा को आरामदायक कपड़े पहनने की सलाह दी.

अगले इंटरव्यू में वे साड़ी पहनकर गईं और उन्हें नौकरी मिल गई. इंदिरा अब भी कभी-कभार साड़ी पहनकर ऑफिस जाती हैं. उन्हें साड़ी वाली सीईओ कहा जाता है.

indira nuyi kuchhnaya

मीडिया रिपोर्ट के मताबिक इंदिरा को पेप्सिको की चेयरपर्सन और सीईओ होने के तौर पर 193 करोड़ की सैलरी मिलती है. पेप्सिको अभी करीब 10 लाख करोड़ रुपए की कंपनी है. इंदिरा को वहां सालाना करीब 30 मिलियन डॉलर (193 करोड़ रुपए) की सैलरी मिलती है. अब इंदिरा को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने पहली इंडिपेंडेंट महिला डायरेक्टर नियुक्त किया है. वे इसी साल जून में आईसीसी बोर्ड को ज्वाइन कर लेंगी.

 

अब कुछ दिनों में इंदिरा के हाथ में आईसीसी की कमान होगी तो क्या कहना है इंदिरा नूई ने कहा, ‘मैं क्रिकेट को प्यार करती हूं. मैंने अपने कॉलेज के दिनों में क्रिकेट खेला है और इससे बहुत कुछ सीखा है. इस भूमिका के लिए आईसीसी से जुड़ने वाली पहली महिला बनकर मैं रोमांचित हूं. बोर्ड, आईसीसी साझेदारों और क्रिकेटरों के साथ काम करने का मुझे इंतजार है.

श्रोत-लाइव न्यूज 

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