जानिए आखिर क्यों लगा फेसबुक और गूगले पर करोड़ों रुपयों का जुर्माना

हालही में कॉम्पिटिशन कमिशन ऑफ इंडिया (CCI) ने गूगल को ऑनलाइन सर्च और विज्ञापन बाजार में अपनी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग का दोषी पाया और इसके लिए कंपनी पर 135.86 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया. इसी क्रम में सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक पर बेल्जियम की एक कोर्ट ने 156 मिलियन डॉलर की पेनाल्टी लगाई है. तो आईये जानते है इन दोनों पर क्यों और किस लिए इतने भारी भरकम जुर्माना लगाया गया है.

गूगल पर लगा जुर्माना

पिछले दिनों गूगल पर आरोप लगाया गया था कि वह ऑनलाइन सर्च में अपनी मजबूत स्थिति की वजह से सर्च में पक्षपात और हेरफेर करता है. जिसके बाद CCI आदेश के बाद गूगल पर 135.86 करोड़ रुपयों का जुर्माना लगाया. जो वित्त वर्ष 2013, 14, और 15 में भारत में कंपनी द्वारा अर्जित औसत रेवेन्यू का 5 फीसदी है.

गूगल पर लगे थे नाजायज फायदा उठाने के आरोप 

CCI का यह अहम आदेश मैट्रीमोनी डॉट कॉम लिमिटेड और कंज्यूमर यूनिटी एंड ट्रस्ट सोसाइटी (सीयूटीएस) की ओर से गूगल के खिलाफ दायर शिकायत पर आया है. दोनों ने आरोप लगाए थे कि गूगल ऑनलाइन जनरल वेब सर्च और वेब सर्च एडवर्टाइजिंग सर्विसेज में अपनी एकल पकड़ का नाजायज फायदा उठा रहा है.

इस मामले में सुनवाई करते हुए CCI ने गूगल पर जुर्माने का आदेश 4-2 से बहुमत से सुनाया है. मतलब 2 सदस्य इस निर्णय के खिलाफ थे, जबकि 4 सदस्यों ने आरोप को सही माना.

फेसबुक पर लगा जुर्माना 

गूगल पर जुर्माने के बाद सालों से चल रहे मामले में अब फेसबुक पर भी भारीभरकम जुर्माना लगाया गया है. बेल्जियन कोर्ट ने यूजर डाटा से जुड़ी जानकारी न देने पर सख्ती दिखाते हुए फेसबुक पर 156 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ये जुर्माना कुल रकम प्रतिदिन 2 लाख 50 हजार यूरो है.

क्या था मामला 

कोर्ट का कहना है कि फेसबुक अगर पहले की तरह लगातार प्राइवेसी कानून का उल्लंघन करके थर्ड पार्टी वेबसाइट को ट्रैक करता रहा तो उसे हर दिन जुर्माना देना होगा. कोर्ट के मुताबिक फेसबुक यूजर डेटा कलेक्ट करने के बारे में अधूरी जानकारी देता है.

फेसबुक यह भी नहीं बताता है कि वो किस तरह का डेटा कलेक्ट करता है और उसे डेटा का क्या किया जाता है और उसे कितने दिनों तक के लिए स्टोर रखा जाता है. फिलहाल बेल्जियन कोर्ट ने फेसबुक से यूजर्स का डेटा कलेक्ट करने से मना किया है और हर दिन 2 लाख 50 हजार यूरो जुर्माना देने को कहा है. कोर्ट के मुताबिक फेसबुक यूजर्स की जानकारी स्टोर करने के लिए यूजर्स की मर्जी की भी कोई परवाह नहीं करता है.

मीडिया खबरों के मुताबिक फेसबुक विज्ञापन और यूजर एक्सपीरिएंस को बेहतर करने के लिए दूसरी वेबसाइट से भी यूजर डेटा ट्रैक करता है जिसमें फेसबुक के प्लग इन्स दिए गए होते हैं.

कोर्ट ने फेसबुक को आदेश दिया है कि बेल्जियम के नागरिकों का जितना भी डेटा अवैध तरीके से स्टोर किया गया है उसे डिलीट किया जाए. इनमे से उन लोगों का भी डेटा शामिल है जो सोशल नेटवर्क यूज ही नहीं करते हैं. यह फैसला काफी लंबे समय तक बेल्जियन कमिशन फॉर द प्रोटेक्शन प्राइवेसी और फेसबुक के बीच चले आ रहे विवाद के बाद आया है.

फर्जी पोस्ट पर भी फेसबुक जुर्माना 

वर्ष 2016 में जर्मनी के एक कानून के मुताबिक फेसबुक पर फर्जी खबर फैलाए जाने पर पांच लाख यूरो का जुर्माना लगाने की बात कही गयी थी. फेसबुक पर यह जुर्माना पोस्ट प्रसारित होने के 24 घंटे के अंदर न हटाए जाने की स्थिति में लगाया जाएगा. गौरतलब है कि फेसबुक ने घोषणा की है कि वह फर्जी खबरों और अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए प्रभावी कदम उठा रहा है.

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