अब मोबाइल नंबर 10 नहीं 13 अंकों के होंगे

आपका मोबाइल नंबर अब बदलने वाला है. जी हां, ये बात आपको हैरान कर सकती है, लेकिन ये सच है. दरअसल, केंद्रीय संचार मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश जारी किए हैं, जिसमें ये कहा गया है कि अब मोबाइल नंबर 10 अंकों से बदलकर 13 अंकों का हो सकता है.  जो 31 दिसंबर, 2018 तक सभी नंबर्स के साथ पूरा किया जा सकता है. हालांकि, इसकी शुरुआत 1 जुलाई से ही शुरू हो जाएगी.

10 अंकों की सीरीज हो गयी है पूरी 

मीडिया खबरों के मुताबिक 10 अंकों से 13 अंकों का मोबाइल नंबर करने के पीछे की वजह अब नए मोबाइल नंबर्स की गुंजाइश नहीं होना है. यानी 10 अंकों की सीरीज लगभग पूरी हो चुकी है. ऐसे में अब इसे 13 अंकों का करके सभी यूजर्स को नंबर्स को अपग्रेड किया जाएगा.

अक्टूबर से शुरू होगी प्रॉसेस

डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम (DoT) के मुताबिक मौजूदा सभी 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर एक अक्टूबर, 2018 से 13 अंकों वाले नंबर में माइग्रेट होने शुरू होंगे. यह प्रक्रिया 31 दिसंबर तक पूरी हो जानी है. हालांकि ये साफ नहीं किया गया है कि 13 अंकों के मोबाइल नंबर में कंट्री कोड (जैसे भारत का +91 है) भी शामिल होगा या नहीं.

मशीन-टू-मशीन (M2M) कम्यूनिकेशन के लिए 13 डिजिट के नंबर

बीएसएनएल के मुताबिक कंपनी M2M या मशीन-टू-मशीन M2M कम्यूनिकेशन के लिए 13 डिजिट के नंबरों का इस्तेमाल करेगी. इसका आम आदमी के मोबाइल नंबर से कोई लेनादेना नहीं है.

बीएसएनएल ने सभी स्टेकहोल्डर्स को 1 जुलाई से पहले इसके अनुरूप अपने सिस्टम को एडजस्ट करने की सलाह दी है. मौजूदा 10 डिजिट के M2M नंबर से 13 डिजिट में लाने की प्रक्रिया 1 अक्टूबर से शुरू हो जाएगी. M2M कम्यूनिकेशन की नई व्यवस्था को 31 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा.

M2M कम्यूनिकेशन में बदलाव से बीएसएनएल के उपभोक्ताओं को किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा. M2M कम्यूनिकेशन के तहत नेटवर्क डिवाइस के बीच सूचनाओं का आदान प्रदान होता है.

बता दें कि M2M कम्यूनिकेशन का इस्तेमाल आमतौर पर वेयरहाउस मैनेजमेंट, रोबोटिक्स, ट्रैफिक कंट्रोल, लॉजिस्टिक्स सर्विसेज, सप्लाई मैनेजमेंट, रीमोट कंट्रोल आदि में किया जाता है. इसके अलावा इंटरनेट के क्षेत्र में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है.

बीएसएनएल ने जेडटीई टेलीकॉम इंडिया लिमिटेड और नोकिया सॉल्यूशंस एंड नेटवर्क इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को पत्र के जरिये M2M कम्यूनिकेशन में बदलाव की जानकारी दी गई है. सरकारी दूरसंचार कंपनी ने दोनों कंपनियों को इसके अनुसार अपने सिस्टम में बदलाव करने को कहा है.

इस बदलाव को लेकर बीएसएनएल के उपभोक्ताओं में मोबाइल नंबर के दस के बजाय ग्यारह डिजिट के होने की आशंका बैठ गई थी. बीएसएनएल द्वारा दोनों कंपनियों को लिखे पत्र से यह तय हो गया है कि M2M कम्यूनिकेशन में बदलाव वर्ष 2019 में पूरी तरह से प्रभावी हो जाएंगे. संबंधित कंपनियों को उसी के हिसाब से बदलाव भी करने होंगे. विशेषज्ञों की मानें तो संचार सेवा को दुरुस्त करने के लिए समय-समय पर ऐसे कदम उठाए जाते हैं.

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