जब सिक्सर सिद्धू के हर बात पर ठोकी जाती थी ताली, अब उठने लगी है उँगलियाँ

कभी अपने चौकों-छक्कों से, तो कभी शायराना बोल-वचन से और जब राजनीति का चोला पहना तो अपने भाषणों से जनता की खूब वाहवाही लूटा। जिसके हर बात पर लोग ताली ठोका करते थे अब उनपर उंगलियां उठ रही है। क्रिकेट के मैदान में और राजनीतिक मंच पर जोशीले अंदाज में बेबाकी से अपनी बात कहने वाले महान खिलाड़ी और राजनेता की छवी देश के खिलाफ हो गयी है।

जी हां हम बात कर रहे पूर्व क्रिकेटर, कमेंटेटर, अभिनेता और राजनेता नवजोत सिंह सिद्धू की जिन्हे सिक्सर सिद्धू भी कहा जाता है। पुलवामा कांड के बाद पाकिस्तान के प्रति नरमी दिखाने वाले बयान के बाद से सिद्धू विपक्षियों और आलोचकों के कटाक्ष का सामना कर रहे है। यही नहीं सिद्धू की कॉमिडी शो द कपिल शर्मा से कुर्सीं भी चली गयी। तो आइये जानते है सिद्धू के जीवन के तमाम उतार-चढ़ाव की कुछ खास बातें….

क्रिकेट के मैदान में खूब लगाए चौके छक्के, तो कहलाये सिद्धू सिक्सर-:

सिद्धू का जन्म एक जाट सिख परिवार में 20 अक्टूबर 1963 को पंजाब के पटियाला में हुआ था। जिनकी स्कूली शिक्षा पटियाल के यादविंद्र पब्लिक स्कूल में हुई। कॉलेज की पढ़ाई उन्होंने पंजाब युनिवर्सिटी के महिंद्रा कॉलेज, चंडीगढ़ से की। कुछ समय के बाद अध्ययन करने के लिए मुंबई चले गये। जहां एचआर कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से पढ़ाई की।

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उनके परिवार में उनके माता पिता के अलावा उनकी पत्नी और दो बच्चे है। उनके पिता का नाम भगवंत सिंह था वो एक क्रिकेटर थे। उनकी पत्नी का नाम संजोग से नवजोत कौर सिधु है वह एक डॉक्टर है साथ ही वह पंजाब विधानसभा की पूर्व सदस्य रह चुकी है। उनके दो बच्चे है। एक बेटा है जिसका नाम करण है और एक बेटी है जिसका नाम राबिया है।

सिद्धू ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत सन 1983 से किया। पहला टेस्ट मैच सिद्धू ने वेस्ट इंडीज़ की टीम के विरुद्ध अहमदाबाद में खेला जिसमें वे सिर्फ़ 19 ही रन बना पाये। इसके बाद उन्हें 1987 के विश्व कप क्रिकेट की भारतीय टीम में शामिल किया गया। उन्होंने कुल पाँच में से चार मैच खेले और प्रत्येक मैच में अर्धशतक ठोका। पाकिस्तान के खिलाफ़ शारजाह में खेलते हुए 1989 में उन्होंने पहला शतक लगाया था। इसके बाद क्रिकेट की दुनिया में सिद्धू के चौकों-छक्कों का सिलसिला जारी रहा और ये सिक्सर सिद्धू के नाम से जाने गए।

समीक्षक की टिप्पणी पर कह दिया क्रिकेट को अलविदा-:

क्रिकेट से सन्यास लेने के बाद एक इंटरव्यू में सिद्धू ने कहा था कि एक क्रिकेट समीक्षक की टिप्पणी से आहत होकर वे क्रिकेट को अलविदा कह रहे हैं।
सिद्धू ने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर अमृतसर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से 2004 का लोकसभा चुनाव जीता।

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राजनीति में आने से पहले उनपर हत्या का आरोप था। जिनपर इलजाम था कि 1988 में गुरनामसिंह नाम के एक व्यक्ति की हत्या में मुख्य आरोपी भूपिन्दर सिंह सन्धू की सहायता की है। जबकि सिद्धू ने इन आरोपों को गलत बताया था। बावजूद इसके सिद्धू को पटियाला पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था।

राजनीति में कई बार लड़खड़ाए, बनाई थी अपनी पार्टी-:

सिद्धू के सांसद बनने के बाद एक बार फिर फाइलें खुली 2006 में अदालत के अन्दर उनपर मुकदमा चलाया गया। सिद्धू को चलती सड़क पर हुए झगड़े में एक व्यक्ति को घातक चोट पहुँचाकर उसकी गैर इरादतन हत्या के लिये तीन साल कैद की सजा सुनायी गयी।

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सजा का आदेश होते ही उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से जनवरी 2007 में त्यागपत्र देकर उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की। उच्चतम न्यायालय ने निचली अदालत द्वारा दी गयी सजा पर रोक लगाते हुए फरवरी 2007 में सिद्धू को अमृतसर लोकसभा सीट से दुबारा चुनाव लड़ने की इजाजत दे दी।

इसके बाद फिर उन्होंने बहुमत से उपचुनाव में जीत हासिल की । जब 2009 में आम चुनाव हुए तो भी नतीजे उनके पक्ष में आये, जिसमे उन्होंने कांग्रेस के नेता ओम प्रकाश सोनी को हराया और अमृतसर की सीट जीत ली।

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वर्ष 2014 का आम चुनाव हुआ, तो उसमे बीजेपी की तरफ से उन्हें अमृतसर के लिए टिकट नहीं मिली। बावजूद इसके सिद्धू ने अमृतसर से ही चुनाव लड़ने का निश्चय किया और अपने इस फैसले पर दृढ भी रहे।

28 अप्रैल 2016 को राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की थी, लेकिन कुछ ही महीनों के बाद 18 जुलाई 2016 को राजसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद उन्होंने परगट सिंह और बैंस के साथ मिलकर एक नई पार्टी का गठन किया जिसका नाम उन्होंने ‘आवाज़ ए पंजाब’ रखा। यह पार्टी पंजाब के खिलाफ काम करने वालों का विरोध करती है और उनके खिलाफ लड़ाइयां लड़ती है।

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सिद्धू ने भारतीय जनता पार्टी से नाराजगी को जाहिर करते हुए जनवरी 2017 में कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए, और पंजाब विधानसभा चुनाव में अमृतसर के पूर्वी क्षेत्र से लड़े और उन्होंने बहुमतों के बहुत बड़े अंतर से चुनाव जीता। तब से लेकर आज तक वे अमृतसर की लोकसभा सीट से जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

टीवी और फिल्मों में भी काम किया-:

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राजनीति के अलावा उन्होंने टेलीविजन के छोटे पर्दे पर टी.वी. कलाकार के रूप में भी अपनी पहचान बनायी है। सिद्धू ई.पी.एन.एस. स्टार स्पोर्ट्स और टेन स्पोर्ट्स चैनलों पर कमेंटेटर भी रहे। जब सिद्धू कमेंटेटर थे उन्हें सिद्धूइज्म उपनाम से भी जाना जाता था।

छोटे बड़े पर्दे पर भी जज और मुख्य भूमिका में नजर आ चुके है-:

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सिद्धू हास्य कार्यक्रम “द ग्रेट इन्डियन लाफ्टर चैलेन्ज” कॉमेडी नाइट्स विथ कपिल शर्मा शो में जज की भूमिका में नजर आये। इसके अतिरिक्त “पंजाबी चक दे” सीरियल, बिग बॉस के छठे एपिसोड में भी नजर आ चुके है। सिद्धू फिल्मों में भी काम करने से अछूते नहीं है सलमान खान की फिल्म ‘मुझसे शादी करोगी’ में दिख चुके हैं। इसके अलावा वे पंजाबी फ़िल्म मेरा पिंड-माइ होम’ में अभिनय भी कर चुके।

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इतनी उपलसब्धियों के बावजूद सिद्धू समय-समय पर अपनी मूर्खता पूर्ण बातों के लिए भी चर्चा मे आते रहते हैं। पुलवामा मुद्दे पर बयान से पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में जाने के चलते भी सिद्धू की जमकर आलोचना हुई थी। कहने को तो भारतीय है लेकिन अपने राजनैतिक फायदे के लिए पाकिस्तान के गुण गाते हैं।

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