किसी को मारकर जीना ही जिंदगी है : मुर्सी जनजाति

आज हम आपको एक ऐसी ही एक जनजाति के बारे में बताने जा रहे है, जो पूर्वी अफ्रीका के इथोपिया में रहती है इस जनजाति को ‘मुर्सी’ जनजाति (Mursi Tribe) के नाम से जाना जाता है. दुनिया में इस जनजाति के लोगों को सबसे ज्यादा खतरनाक इसलिए माना जाता है क्योंकि ‘मुर्सी’ का सिर्फ यही मानना है कि ‘किसी दूसरे को मारे बगैर जिंदा रहने से अच्छा है खुद मर जाना’. तो आइये आपको बताते है Mursi जनजाति के बारे में जो दुनिया से हटकर अपना जीवन जीते हैं…

सुंदरता छिपाने के लिए शरीर को मोडिफाई करती है महिलाएं

  

मुर्सी जनजाति के लोग साउथ इथियोपिया (South Ethiopia) और सूडान बॉर्डर के ओमान वैली में रहते हैं. इन लोगों की कुल आबादी करीब 10 हजार है. इस जनजाति के लोग अपने परंपराओं को लेकर भी हमेशा चर्चा में रहते हैं. लोगों की बुरी नजर से बचने के लिए Mursi जनजाति की महिलाएं बॉडी मोडिफिकेशन की प्रक्रीया के तहत अपने निचले होंठ में लकड़ी या मिट्टी की बनी डिस्क पहनती है. लड़कियां जब 15 साल की होती हैं तो उन्हें यह डिस्क पहना दी जाती है. लिप-प्लेट (Lip Plate) के नाम से चर्चित इस बॉडी मोडिफिकेशन की वजह से यहां कि महिलाएं दुनियाभर के पर्यटकों की नजर में आकर्षण का केंद्र रहती हैं.

होटों को काटकर पहना दिया जाता है लकड़ी का डिक्स 

अफ्रीका में अब मुर्सी, छाई और तिरमा नाम की जनजाति ही ऐसी हैं, जिसमें ऐसी परंपरा का चलन आज भी जारी है. मुर्सी जनजाति की महिलाओं द्वारा लिप प्लेट लगाने के पीछे वजह माना जाता है कि महिलाओं के निचले होंठ में डिस्क लगाने का कारण उन्हें, गुलाम खरीदने-बेचने वाले व्यापारी या पर्यटकों से बचाना होता है. ऐसा करने से उनकी सुंदरता कम हो जाती है और कम आकर्षक लगती है. 15 साल की उम्र होने पर लड़की की मां कबीले की दूसरी महिला साथियों के साथ मिलकर अपनी बेटी के निचले होंठ काट देती है. जब घाव पक जाता है तब होंठ में लकड़ी का टूकड़ा फंसाया जाता है. फिर कुछ महीनों बाद उसमें 12 सेंटीमीटर की लिप डिस्क फंसा दी जाती है. यह डिस्क पूरी जिंदगी उसके होठ में लगी रहती है.

ताकतवर बनने के लिए पीते है जानवरों का खून 

मुर्सी जनजाति के लोग खुद को ताकतवर और मोटा बनाने के लिए गाय का खून पीते है. ये लोग लड़ाई से पहले भी खूब सारा गाय का दूध पीते है ताकि कबीले में सम्मान के साथ जी सकें.

इसके आलावा मुर्सी जनजाति के मर्द, महिलाओं के लिए आपस में डंडों से लड़ाई करते हैं. इनका मानना है कि जो शख्स लड़ाई जीतेगा उसे सबसे सुंदर पत्नी मिलेगी.

AK-47 बंदूक समेत रखते है परंपरागत हथियार 

मुर्सी जनजाति को एक चीज सबसे अलग और खतरनाक बनाती है. ये लोग आज भी अपनी पुरानी परंपरा के अनुसार जीते है. लेकिन सुरक्षा के लिए इनके पास ढेर सारे आधुनिक हथियार मौजूद होते हैं. यहां तक बताया जाता है कि इनके पास AK-47 बंदूक तक पाई जाती है.

मुर्सी जनजाति के लोग AK-47 के पुराने को मॉडल को 8 से 10 गाय के बदले खरीदते हैं, जबकि इसका नया मॉडल 30-40 गाय देकर खरीदते हैं। इन हथियारों की सप्लाई इन्हें पड़ोसी देश सूडान और सोमालिया से की जाती है। इन्हीं सब बातों के चलते इस मुर्सी जनजाति को दुनिया की सबसे खतरनाक जनजातियों में से एक गिना जाता है.

कहा जाता है मुर्सी जनजाति  मानना की किसी को मारे बगैर जिन्दा रहने का कोई मतलब नहीं है. इन्होने सैकड़ो लोगो की जान ली है जो इनकी इजाज़त के बगैर इनके समुदाय में आ गए थे. सन 2012 में इनके लोगो ने संपर्क करने की कोशिश की थी, जो असफल रही और लगभग 12 लोगो की अपनी जिन्दगी खो दी जो गाइड थे, तब से सरकार ने संपर्क करने पर प्रतिबन्ध लगा दिया है.

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