भारत के दिग्गज नेताओं की ऐसी प्रेम कहानी, किसी की रह गयी अधूरी तो किसी की हुई पूरी

प्रेम की मशाल को लैला-मजनूं, हीर-रांझा से लेकर शीरी-फरहाद ने जलाए रखा और आज भी उस मशाल की रोशनी गवाही दे रही है कि प्रेम अभी जवान है. प्यार हर किसी को कभी न कभी अपने आगोश में लेता है. राजनेता भी इससे अछूते नहीं हैं. राजनेताओं के प्रेम-संबंध कई बार उनकी राजनीति को भी प्रभावित करते हैं और कई बार प्रेम भी राजनीति बन जाता है. आज हम आपको ऐसे ही कुछ नेताओं की महशूर प्रेम कहनियां बताने जा रहे है जो काफी चर्चा का विषय रही.

नेहरु-एडविना के रोमांस

भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु के कोर्ट में गुलाब का फूल और दिल में प्रेम सदा रहता था. यह प्रेम नेहरु-एडविना के इश्क के नाम से ही जाना जाता गया. जवाहरलाल नेहरु और लार्ड माउंटबेटन की पत्नी एडविना माउंटबेटन के संबंधों पर स्वदेश में तो दबी-ढकी पर विदेश में काफी चर्चित रही. इंग्लैंड में माउंटबेटन ट्रस्ट द्वारा माउंटबेटन के जीवन पर छपी किताब में भी नेहरु-एडविना के रोमांस का जिक्र है. उसमे नेहरु के वो सरे पत्र शामिल किए गए, जो उन्होंने एडविना को लिखे थे.

रंगीले राम मनोहर लोहिया 

समाजवाद के पुरोधा राम मनोहर लोहिया जीवनभर कुंआरे रहें, मगर महिलाओं के मामले में कोरे कतई नहीं रहे. एक पुरुष और औरत के बीच तब तक सब कुछ स्वीकार योग्य है जब तक कि उनके संबंधों के बीच कोई जबरदस्ती या कोई वादाखिलाफी न हो जैसे विचारों को लिए लोहिया ने 50-60 के दशक के उस दौर में वर्त्तमान के लिव इन रिलेशनशिप जैसे रिश्ते की नींव रखी.

जिसकी कल्पना उस समय कोई कर भी नहीं सकता था. लोहिया ने अविवाहित रहकर भी अपना काफी समय दिल्ली विश्वविद्यालय की एक लेक्चरार रमा के साथ रहकर गुजारा और तब किसी ने इस बात पर कोई ऐतराज भी नहीं किया. साहित्य में कुछ स्थानों पर इस बात का भी जिक्र है कि भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जब लोहिया गिरफ्तार किए गए तो उस समय वे कोई आंदोलनकारी गतिविधि नहीं कर रहे थे बल्कि वे एक कम्युनिस्ट नेता की बहन के साथ एकांतवास में थे. कांग्रेस के दिवगंत वरिष्ठ नेता वसंत साठे ने एक जगह कहा है कि उन्होंने लोहिया को कई अन्य महिला मित्रों के साथ भी देखा था. साठे के अनुसार लोहिया स्पष्टवादी थे. उन्होंने कभी झूठ नहीं बोला, इसलिए उनके इन संबंधों का उनके सार्वजनिक जीवन पर कोई असर नहीं पड़ा.

वाजपेयी का अटल प्रेम

कवि मन वाजपेयी का प्यार कई मायने में अनोखा है. वह जीवन भर कुंवारे ही रहे. लेकिन दिल तो उनके पास भी था तो किसी न किसी के लिए धड़कना लाजमी था. उनके कई प्रसंगों पर चर्चा हुई पर दबी जुबान से. वाजपेयी की सबसे अच्छी दोस्त थी उनके कॉलेज के दिनों की मित्र और कश्मीरी महिला राज कुमारी कौल.

गहरी मित्रता के बावजूद वाजपेयी और कौल की कहानी अधूरी रह गयी और दोनों की शादी नहीं हुई, मगर कौल की शादी के बाद वाजपेयी कौल के पति के घर जरुर रहे. बाद में जब अटल बिहारी प्रधानमंत्री बन गए थे तो लोगों ने राजकुमारी कौल को भी प्रधानमंत्री निवास में मौजूद पाया. अटल जी के खाने की पसंद उन्हें मालूम थी इसलिए रसोइया उनसे ही पूछ कर खाना बनाता था. अब राजकुमारी कौल नहीं रही और अविवाहित अटल जी बीमारी से गुजरते हुए जी रहे हैं.

सोनिया और  फ्रैंको की प्रेम कहानी 

जब सोनिया महज 14 साल की उम्र में फ्रैंको लुइसोन से जेसोलो के समुद्र किनारे मिली थी. कुछ साल पहले एक इतालवी मैगज़ीन, ‘जेंटे’, को दिए गए अपने साक्षात्कार में फ्रैंको ने अतीत का जिक्र करते हुए बताया कि साठ के दशक में “अंतोनिआ माइनो (सोनिया गांधी का इतालवी नाम) के साथ मेरा प्रेम प्रसंग एक आशीर्वाद था.

हम हर जगह प्रेम और खुशी में थे”, व सोनिया के साथ उनका प्रेम प्रसंग चार साल तक चला, राजीव गांधी के आने और सोनिया गांधी को अपने साथ लाने के पहले वह केवल किशोरी थी. फ्रैंको ने आगे खुलासा किया कि उनके परिवारों ने उनके रिश्ते को सहमति दिया था और सोनिया गांधी के माता-पिता खुशी से हर बार फ्रैंको का स्वागत करते थे जब भी वह ओर्बस्सानो, टयुरिन के पास, में उनके घर का दौरा करते थे. सोनिया गांधी उनसे शादी करना और अपनी बाकी की ज़िंदगी साथ बिताना चाहती थीं और ये एक भावनात्मक बंधन था जो शादी में बदल जाता, अगर राजीव गांधी की नज़र सोनिया पर ना पड़ी होती.

उमा भारती की प्रेम कहानी

हर लड़की का सपनों का एक राजकुमार होता है, अपने प्रियतम में वो उस राजकुमार की छवि ढूँढने लगती हैं जिसके वो सपने देखा करती थी लेकिन उसके व्यक्तित्व के कई अनछुए और अनजाने पहलू ऐसे भी होते हैं जो उसके सपनों से ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं जिन्हें वह नहीं जान पाती. फायर ब्रांड छवि और बेबाक बयानबाज़ी से राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने वाली साध्वी उमा भारती और संघ परिवार व भाजपा की रीति-नीति व राजनीति के लंबे समय तक शिल्‍पकार रहे कोणिपक्‍कम नीलमेघाचार्य गोविंदाचार्च उर्फ केएन गोविंदाचार्य के दिल में भी किसी वक़्त प्रेम की लहर कुछ वैसी ही उठी थी जैसी सामान्‍य मनुष्‍य के अंदर उठती है.

ईमानदारी और सच्‍चे भाव से स्‍वीकार करते हुए गोविंदाचार्य ने कहा भी था कि उमा भारती के लिये मेरे दिल में एक समय प्रेम भाव था और उन्होंने उमा भारती की तस्‍वीर अपने दिल में बैठा रखी थी. दूसरी तरफ अंग्रेजी पत्रिका द वीक को दिए एक इंटरव्यू में उमा भारती ने भी कहा था कि वह पूर्व विचारक गोविंदाचार्य से प्यार करती थीं. इस इंटरव्यू में उमा भारती ने स्वीकार किया था, ‘हां, मैं उन (गोविंदाचार्य) से प्यार करती थी और उनसे शादी भी करना चाहती थी. मगर संघ के उसूल और नियम कानूनों ने उनके प्‍यार को सफल नहीं होने दिया और दोनों ने अपने ही हाथों अपने प्‍यार के एहसास को सूली पर टांग दिया. इंटेलिजेंस ब्यूरो के पूर्व जॉइंट डायरेक्टर एमके धर ने अपनी किताब ओपन सीक्रेट्स में लिखा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा विवाह की इजाजत न मिलने के कारण गोविंदाचार्य और उमा भारती विवाह नहीं कर पाये.

एनडी तिवारी की प्रेम कहनी 

उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे नारायण दत्त तिवारी के रसिक मिजाज़ से हर कोई वाकिफ है. एक युवक रोहित शेखर के तिवारी को अपना पिता बताते हुए उनके खिलाफ अदालत में दावा ही ठोक देने और फिर तिवारी द्वारा स्वीकार करने कि उज्जवला शर्मा की कोख से जन्मे रोहित शेखर उनके बेटे हैं के बाद तो एनडी तिवारी ने जैसे प्यार के नए मायने की स्थापित कर दिए. वैसे तो नारायण दत्त तिवारी की 1954 में सुशीला तिवारी से शादी हुई थी, इसके बावजूद जीवनभर तिवारी के दूसरी महिलाओं के साथ संबंधों की खबरें आती रहीं.

रामविलास पासवान की प्रेम कहानी 

लोक जनशक्ति पार्टी के मुखिया रामविलास पासवान की पहली पत्नी राजकुमारी देवी आज भी बिहार के एक छोटे से गांव शहरबन्नी में एकांतवास कर रही हैं, जबकि उनकी दूसरी पत्नी रीना पासवान पति के साथ शहर में रहती हैं. चिराग पासवान रामविलास की दूसरी पत्नी के ही पुत्र हैं. खास बात यह है कि राजकुमारी देवी आज भी रामविलास पासवान से प्रेम करती हैं, हालांकि उन्हें पासवान की तरफ से प्रेम और सम्मान नहीं मिलने का दुख भी है.

संजय गाँधी और सुल्ताना की प्रेम कहानी

फिल्म अभिनेत्री अमृता सिंह की मां रुखसाना सुल्ताना के साथ संजय गांधी का काफी उठना-बैठना था. इमरजेंसी के आसपास के उस समय में रुखसाना सुल्ताना “सोशल बटरफ्लाई” कही जाती थीं और उनकी स्टाइल और आधुनिकता के काफी चर्चे थे. कांग्रेस के अनेक लोगों ने रुखसाना सुल्तान को संजय गांधी पर हक जताते देखा था. हालांकि यह हक किसी रिश्ते में तब्दील नहीं हो पाया. सिर्फ रुखसाना ही नहीं, कई और लड़कियों से भी संजय गांधी का मेल था. ऐसे में जब संजय और मेनका गांधी की शादी हुई तो एकाएक लोगों को इस पर सहज विश्वास ही नहीं हुआ था.

मुलायम सिंह की प्रेम कहानी से सभी थे अनजान 

मुलायम सिंह यादव राजनीति के ही नहीं प्रेम के भी बड़े खिलाड़ी हैं. मुलायम सिंह ने अपने प्रेम को अपने प्रशंसकों से सालों तक छुपाये रखा. लेकिन आय से अधिक संपत्ति मामले में जब सिंह ने कोर्ट में दिए एक हलफनामे में कहा की उनकी दूसरी पत्नी और एक लड़का भी है तो लोग चौंक उठे. वास्तव में पहली पत्नी मालती देवी के जीवित रहते हुए ही मुलायम दूसरी स्त्री साधना गुप्ता से एक पुत्र के पिता बन गए थे. मगर दुनिया को इसका पता फरवरी 2007 में लगा.

दिग्विजय सिंह और अमृता की प्रेम कहानी 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह हमेशा अपने बयानों और विरोधियों पर तीखे हमले करने की वजह से सुर्ख़ियों में रहते हैं. लेकिन सोशल मीडिया पर टीवी पत्रकार अमृता संग उनकी प्यार भरी तस्वीर ने उन्हें रोमांस की दुनिया का भी वरिष्ठ खिलाड़ी बना दिया. दिग्विजय सिंह की पत्नी आशा सिंह की मृत्यु 2013 में कैंसर से हो गयी थी .

कहा गया है कि भूख न जाने बासी भात, नींद न जाने टूटी खाट और प्यार न जाने ओछी जात. प्यार में न उम्र की सीमा होती है न जन्म का कोई बंधन और जब प्यार करे कोई तो देखे केवल मन. प्यार सिर्फ दिल को पहचानता है और जिसमें उसे सादगी, सच्चाई और वफाई नज़र आ जाए उसे अपनी आगोश में ले लेता है.

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