देश की खुबसूरत और खतरनाक महिला IAS और IPS अधिकारी

भारत की पहली महिला आइपीएस किरण बेदी के बारे में आपने सुना ही होगा. जिन्होंने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी की कार को क्रेन से उठवा लिया था और पार्किंग नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना भी लगाया था. इसी क्रम में आज हम आपको हमारे देश की सबसे होनहार आईएएस और आईपीएस महिला ऑफिसर बारे बतायेंगे. जो की हमारे देश में हो रहे अत्याचारों से भी ज्यादा कड़ी परिस्थितियो को संभाले हुई है.

मेरिन जोसेफ

मेरीन जोसफ का प्रोफाइल 25 साल की मेरीन जोसफ केरल कैडर की आईपीएस हैं। जब वे 6 th क्लास में थीं तब उन्होंने सिविल सर्विस ज्वाइन करने के बारे में सोचा था. मेरीन ने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से बीए ऑनर्स और MA हिस्ट्री की डिग्री हासिल की. इसके बाद कुछ समय बाद ही उन्होंने परीक्षा की तैयारी शुरू की और रेग्युलर स्टडी और नोट्स तैयार कर स्टडी की, इस कारण वे पहली बार में ही परीक्षा पास करके IPS अफसर बन गईं. वर्ष 2016 में वे राज्य स्वतंत्रता दिवस परेड को कमांड करने वाली सबसे कम उम्र की अफसर बनी.

स्मिता सभरवाल

स्मिता सभरवाल का जन्म 19 जून  1977 में पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में हुआ और वो साल 2001 के बैच की आईएएस ऑफिसर है. स्मिता पीपल्स ऑफिसर के नाम से जानी जाती है. स्मिता पहली आईएएस ऑफिसर है जिनको मुख्यमंत्री कार्यालय में नियुक्त किया. इनके पति अकुन सभरवाल भी आईएएस ऑफिसर है. स्मिता के पिता कर्नल प्रणब दास एक सेनानिवृत्त सेना अधिकारी थे, जों की भारतीय सेना में सेवा करते थे.

रिजू बाफना

रिजू बाफना का जन्म छत्तीसगढ़ में हुआ है रिजू ने किरोड़ीमल कॉलेज से स्नातक किया है और इकोनॉमिक्स में दिल्ली से मास्टर किया है. रिजू ने यूपीएससी सिविल सर्विसेज एग्जाम साल 2013 में 77वीं  रेंक हासिल की और साल 2014 में आईएएस ऑफिसर बन गयी. इनकी शादी अपने बैच मेट आईएएस अधिकारी एवी प्रसाद के साथ हुई.

कंचन चौधरी भट्टाचार्य

कंचन का जन्म हिमाचल प्रदेश में हुआ है. इन्होने ग्रेजुएशन अंग्रेजी साहित्य से इंद्रप्रस्थ कॉलेज से किया जो दिल्ली में है. कंचन को राष्ट्रपति पदक से और राजीव गाँधी पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है. कंचन ने साल 2014 में आम आदमी पार्टी की और से हरिद्वार से चुनाव् भी लड़ी है. कंचन 1973 से लेकर 2007 तक आईपीएस ऑफिसर रही है. कंचन पहली महिला आईपीएस अधिकारी है जिनको किसी राज्य का पुलिस महानिर्देशक बनाया गया.

मीरा चड्ढा बोरवांकर

मीरा महाराष्ट्र कैडर में पहली महिला आईपीएस अधिकारी बनी थी और यह बात भारत के सभी छोटे बड़े शहर के लिये गर्व की बात हैं. मीरा को लेडी सुपरकॉप के नाम से जाना जाता है. मीरा 1981 के बैच की आईपीएस अधिकारी है.

मीरा ने जालंधर से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया है. मीरा का दाउद इब्राहिम और छोटा राजन की गिरोह के सदस्यों को अरेस्ट करवाने में इनका बड़ा योगदान रहा है. आपकी जानकारी के लिए  बता दें कि फिल्म ‘मर्दानी’ इनके कैरियर पर ही बनी है. फिल्म का मुख्य किरदार रानी मुखर्जी ने निभाया था.

संजूक्ता पाराशर

संजुक्ता का जन्म असम में हुआ था और ये साल 2006 बैच की आईपीएस ऑफिसर है. संजुक्ता ने अपना ग्रेजुएशन इंद्रप्रस्थ कॉलेज नयी दिल्ली से पॉलिटिकल साइंस से किया है. संजुक्ता असम के बोडो उग्रवादियों के खिलाफ भी लड़ चुकी है. संजुक्ता ने आईएएस अधिकारी पुरु गुप्ता के साथ शादी की है.

रोशन जैकब

रोशन का जन्म केरल में हुआ था. उन्होंने साल 2004 में यूपीएससी की परीक्षा पास की थी. डा. रोशन जैकब उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की जिलाधिकारी के पद पर है. डा. रोशन जैकब इसके पूर्व रायबरेली, गोंडा, कानपुर में बतौर जिलाधिकारी सहित शासन में कई वरिष्ठ पदों पर कार्य कर चुकी है.

स्तुति चरण

साल 2012 में सिविल सर्विस की परीक्षा में तीसरे नंबर का रेंक हासिल करने वाली स्तुति पहले बैंक में काम करती थी. स्तुति ने दिल्ली के आईआईपीएम से मार्केटिंग मैनेजमेंट की पढ़ाई की है और जोधपुर यूनिवर्सिटी से बीएससी किया है.

वंदना प्रेयसी

वंदना 2003 बैच की आईएएस ऑफिसर है, वंदना ने अपनी पढाई सेंट स्टीफन कॉलेज दिल्ली से की है. वंदना का जन्म 21 फरवरी साल 1974 को बिहार में हुआ था. वंदना एक ऐसी महिला ऑफिसर है जो बिहार में अपराध को ख़त्म करने के लिए पैदा हुई है.

चन्द्रकला


यूपी के बुलंदशहर की डीएम चन्द्रकला ने सिविल सर्विस एग्जाम में 409 वीं रैंक से आगे बढ़ी थी. 2008 बैच की ये आईपीएस ऑफिसर का जन्म आंध्रप्रदेश में हुआ था. चन्द्रकला एक आदिवासीफैमिली से नाता रखती है चन्द्रकला अक्सर अपने तेज-तर्रार अंदाज़ के कारण चर्चा में रहती हैं.

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