पूरी तरह से महिलाओं के नियंत्रण में है भारत के पांच रेलवे स्टेशन

देश में पांच ऐसे रेलवे स्टेशन हैं जिन्हें पूर्ण रूप से महिलाएं चला रही हैं. इन स्टेशनों की सभी गतिविधियां महिलाओं द्वारा चलाई जा रही हैं. महिलाओं द्वारा पूरी तरह चलाए जा रहे देश के रेलवे स्टेशनों में मुंबई का माटुंगा, जयपुर का गांधीनगर, आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले का चंद्रागिरी, गुजरात का मणिनगर और महाराष्ट्र के नागपुर का अजनी शामिल हैं. इसके अलावा 8 मार्च यानि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने घोषणा की थी कि इन पांच रेलवे स्टेशनों के बाद बेंगलुरु के बनासबाड़ी रेलवे स्टेशन को भी पूर्ण रूप से महिलाओं द्वारा चलाने की घोषणा की थी. बनासबाड़ी रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर, बुकिंग क्लर्क और रिजर्वेशन क्लर्क समेत सभी कर्मचारी महिलाएं होंगी.

मुंबई का उपनगरीय स्टेशन माटुंगा 

भारतीय रेल का पहला स्टेशन जो केवल महिलाओं द्वारा चलाया जा रहा है, यह मुंबई उपनगर का माटुंगा रेलवे स्टेशन है. यह स्टेशन मध्य रेलवे (सीआर) के तहत आता है. इस स्टेशन का नाम सभी महिला कर्मचारी को लेकर लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड्स रिकार्ड्स 2018 में भी दर्ज किया गया है. यह स्टेशन साल 2017 के जुलाई माह से केवल महिलाओं द्वारा चलाया जा रहा है. इस स्टेशन पर कुल 41 महिलाओं के दल की तैनाती की गई है, जिसमें आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल), वाणिज्यिक और परिचालन विभाग के कर्मी शामिल हैं.

नागपुर का अजनी रेलवे स्टेशन

नागपुर का अजनी रेलवे स्टेशन देश का दूसरा रेलवे स्टेशन है, जो केवल महिलाओं द्वारा चलाया जाता है. अजनी नागपुर का सेटेलाइट स्टेशन है, जो मध्य रेलवे के नागपुर खंड का हिस्सा है और महत्वपूर्ण दिल्ली-चेन्नई रूट का हिस्सा है. इस स्टेशन पर रोजाना औसतन 6,000 यात्रियों की आवाजाही होती है. अजनी रेलवे स्टेशन पर कुल 22 महिला कर्मियों की तैनाती की गई है, जिसमें स्टेशन मास्टर समेत 6 वाणिज्यिक क्लर्क, 4 टिकट चेकर, 4 कुली, 4 सफाई कर्मचारी और 3 रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के कर्मी शामिल हैं. इस स्टेशन को अपग्रेड किया जा रहा है कि शहर के मुख्य रेलवे स्टेशन से भीड़भाड़ को कम किया जा सके.

जयपुर का गांधी नगर रेलवे स्टेशन

जयपुर का गांधी नगर रेलवे स्टेशन देश का तीसरा रेलवे स्टेशन तथा प्रमुख रेलवे स्टेशनों में सबसे पहला रेलवे स्टेशन था, जहां केवल महिला कर्मियों की तैनाती की गई, जिसमें टिकट चेकर से लेकर स्टेशन मास्टर तक शामिल हैं. इस रेलवे स्टेशन पर रोजाना औसतन 7,000 यात्री आते हैं और यह जयपुर के सबसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में से एक है. इस स्टेशन पर फिलहाल 40 महिला रेलवे कर्मियों की तैनाती की गई है, जिसमें स्टेशन मास्टर के अलावा चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर, टिकट चेकर और रिजर्वेशन क्लर्क शामिल हैं. इसके साथ ही इस स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल के कर्मियों में केवल महिलाओं की ही तैनाती की गई है.

 

अहमदाबाद का मणिनगर रेलवे स्टेशन

अहमदाबाद का मणिनगर रेलवे स्टेशन देश का चौथा और राज्य का पहला रेलवे स्टेशन है, जो केवल महिलाओं द्वारा चलाया जाता है. यह स्टेशन पश्चिम रेलवे के अंतर्गत आता है. देश का पहला रेलवे स्टेशन जो केवल महिलाओं के द्वारा चलाया जाता है. इस स्टेशन पर 23 वाणिज्यिक क्लर्क और तीन परिचालन कर्मी (स्टेशन मास्टर और प्वाइंट्स पर्सन्स) के साथ 10 रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की तैनाती की गई है और सभी महिलाएं हैं. साथ ही 36 अन्य फ्रंट लाइन कर्मियों में भी महिलाएं ही है.

चंद्रागिरी रेलवे स्टेशन

दक्षिण मध्य रेलवे के गुंटकल खंड का चंद्रागिरी रेलवे स्टेशन देश का पांचवां और आंध्र प्रदेश का पहला रेलवे स्टेशन है, जो केवल महिलाओं द्वारा चलाया जा रहा है. इस स्टेशन पर कुल 12 कर्मी हैं, जिसमें स्टेशन मास्टर, बुकिंग क्लर्क, प्वाइंट्स मैन, सुरक्षा और सफाई कर्मी शामिल हैं और सभी महिलाएं हैं. इस स्टेशन से रोजाना 234 यात्री गुजरते हैं और इस स्टेशन से औसतन 5,000 रुपये का राजस्व रोजाना प्राप्त होता है. चंद्रागिरी रेलवे स्टेशन मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के गृह जिले चित्तूर में स्थित है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *