महाराष्ट्र के किसान मुंबई में हड़ताल पर, मगर पंजाब के किसान आस्ट्रेलिया में बन रहे हैं करोड़पति

हालही में 6 मार्च को महाराष्ट्र के किसान कर्जमाफी और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग को लेकर नासिक से मुंबई के बीच करीब 200 किलोमीटर की पदयात्रा के बाद 12 मार्च को मुंबई पहुंचे. कुल 6 दिनों की पैदल यात्रा कर मुंबई के आजाद मैदान में 40 हजार किसान पहुंचकर आंदोलन किया. किसान संगठनों ने दावा किया कि उनके साथ हमेशा से धोखा होता रहा है.

किसानों का कहना है कि महाराष्ट्र सरकार ने पिछले साल 34 हजार करोड़ रुपए की सशर्त कर्ज माफी की घोषणा की थी लेकिन अब तक लागू नहीं किया गया. छले साल जून में हुई इस घोषणा के बाद से महाराष्ट्र में 1753 किसान आत्महत्या कर चुके हैं. किसान अब इस मामले में आर या पार चाहते हैं तो वही दूसरी ओर भारत में कई राज्यों के लोग अपनी जमीन का छोटा सा टुकड़ा बेचकर दूसरे देशों में सैकड़ों एकड़ के किसान बन रहे हैं. जी हाँ ऐसी ही कहानी है पंजाब के किसानों की.

ये लोग पंजाब में अपने छोटे-छोटे प्‍लॉट बेचकर ऑस्‍ट्रेलिया में लैंडलॉर्ड बन गए. उनके खेतों पर अब छोटे-मोटे ट्रैक्‍टर नहीं, बल्कि सैटेलाइट की मदद से चलने वाली मशीनें काम करती हैं. कीटनाशकों का छिड़काव भी हाथ से चलने वाली मशीनों के मुकाबले हवाई जहाज से होता है. आपके पास भी अगर इन्‍वेस्‍ट करने के लिए ठीक-ठाक रकम है और खेती की जमीन खरीदने में इन्‍वेस्‍ट करना चाहते हैं तो ऑस्‍ट्रेलिया के खेत आपका इंतजार कर रहे हैं. आइए हम आपको बताते हैं कि आप भारत से ऑस्‍ट्रेलिया तक का सफर कैसे पूरा कर सकते हैं..

ऑस्‍ट्रेलिया में 80 फीसदी एग्रीकल्‍चर लैंड अनयूज्‍ड

ऑस्‍ट्रेलिया भारत से क्षेत्रफल में लगभग ढाई गुना है और जनसंख्‍या भारत का केवल 7 फीसदी है. ऑस्‍ट्रेलिया में लगभग 80 फीसदी एग्रीक्‍ल्‍चर लैंड अनयूज्‍ड है और खेती करने को किसान कम हैं. ऐसे में सरकार खुद चाहती है कि वहां इतने बड़े लैंड बैंक को खेती के लिए इस्‍तेमाल किया जाए. सरकार बाकायदा वहां पर विदेशी किसानों को खेती की जमीनों की रजिस्‍ट्री कर रही है. ऑस्‍ट्रेलियन सरकार विदेशी किसानों को भी अपने नेटवर्क में शामिल कर हर सुविधा मुहैया करा रही है.

भारतीय किसानों की है अपनी कम्‍युनिटी

ऑस्‍ट्रेलियन सरकार की इस पहल को जानकार अब से करीब 7 साल पहले पंजाब से किसानों ने वहां जाना शुरू किया था. सबसे पहले चंडीगढ़ निवासी पुनीत भल्‍ला ने शहर के पास 2.5 करोड़ रुपए में एक प्‍लॉट और गांव की दो एकड़ भूमि बेची थी. इसे बेचकर भल्‍ला परिवार ने ऑस्‍ट्रेलिया के किंगलेक इलाके में 400 एकड़ एग्रीकल्‍चर लैंड खरीदकर खेती शुरू कर दी. इसके बाद उन्‍होंने वहां और इन्‍वेस्‍ट किया और मौजूदा समय में उनके पास ऑस्‍ट्रेलिया में 1200 एकड़ एकड़ एग्रीकल्‍चर लैंड है. तब से अब तक पंजाब और हरियाणा से तकरीबन 14 हजार किसानों ने ऑस्‍ट्रेलिया में एग्रीकल्‍चर लैंड खरीदी है. साउथ ऑस्‍ट्रेलिया में भारतीय किसानों की सिंह डॉट नाम से अपनी कम्‍युनिटी बनी हुई है, जिसके हजारों सदस्‍य हैं.

भारत से सस्ती जमीन मिलती है उपजाऊ 

दरअसल, ऑस्‍ट्रेलियन सरकार वहां हिंटरलैंड (आंतरिक इलाके) की जमीन विदेशी किसानों को बेच रही है. इस तरह की जमीन को खेती के लिए कभी इस्‍तेमाल नहीं किया गया, लेकिन यह बेहद उपजाऊ जमीन मानी जाती है. पुनीत भल्‍ला व अन्‍य किसानों ने वहां पर महज 35 हजार प्रति एकड़ की दर से भूमि खरीदनी शुरू की थी. हालांकि, अब वहां भी एग्रीकल्‍चर लैंड के दामों में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन भारत की तुलना में अब भी वहां बहुत कम दाम हैं. भारत के किसी भी इलाके में एग्रीकल्‍चर लैंड की बात करें तो बंजर भूमि भी एक एकड़ कम से कम 10 लाख रुपए में मिलेगी. लेकिन अब भी क्विन्‍सलैंड इलाके में खेती के लिए 1 से 1.5 लाख रुपए प्रति एकड़ की दर से एग्रीकल्‍चर लैंड बिक रही है.

अपनी जमीन अपने दाम

भारतीय किसानों के लिए ऑस्‍ट्रेलिया में खेती करना अन्‍य देशों से काफी अलग है, क्‍योंकि यहां आप जमीन खरीद सकते हैं. कॉन्ट्रैक्‍ट पर खेती कनाडा, मोजांबिक आदि देशों में भी की जा रही है, लेकिन वहां आप अपना कंस्‍टक्‍शन नहीं कर सकते हैं. लेकिन ऑस्‍ट्रेलिया में आप अपनी लैंड पर किसी भी प्रकार का टेंपरेरी या परमानेंट कंस्‍ट्रक्‍शन करके रह सकते हैं. बाकी देशों में आप उन देशों की सरकारों की शर्तों पर खेती करेंगे लेकिन यहां आप कभी भी जमीन अपने दामों पर बेच सकते हैं. मोजांबिक और कनाडा से इन्‍हीं सब की वजह से पिछले सालों में हजारों किसान कॉन्ट्रैक्‍ट फार्मिंग छोड़कर आ चुके हैं. ऑस्‍ट्रेलियन सरकार चूंकि किसानों को अपने नेटवर्क में जोड़ती है तो उन्‍हें फसली बीमा आदि की सभी सुविधाएं दी जाती हैं.

दस एकड़ भी खरीद सकते हैं जमीन

बहुत से लोग इन्‍वेस्‍ट करने के लिए खेती की जमीन को भी चुनते हैं तो ऑस्‍ट्रेलिया उनके लिए बेहतर ऑप्‍शन हो सकता है. ऑस्‍ट्रेलिया में पैर जमाने के लिए ऐसा नहीं कि करोड़ों रुपए से शुरुआत करनी हो बल्कि चंद लाख रुपए से भी शुरुआत हो सकती है. वहां भारतीय किसानों की मदद से छोटे एग्रीकल्‍चर लैंड 10 एकड़ तक भी मिल जाएगी और आप उनकी मदद से खेती कर सकते हैं. पंजाब के बहुत-से छोटे किसान वहां पर इसी तरह या तो खुद खेती करते हैं या फिर जमीन को कॉन्ट्रैक्‍ट पर दिया हुआ है.

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