दिल्ली की मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के मफलर मैन से माफी मैन का सफ़र

वर्ष 2011  में जन लोकपाल विधेयक की मांग को लेकर समाजसेवी अन्ना हजारे के साथ जंतर-मंतर से चमके अरविंद केजरीवाल ने जब सियासी दुनिया में कदम रखा तो लोगों को उनसे बड़ी उम्मीद थी. उनकी कही हर बात और विरोधियों पर लगाए हर आरोप को लोग पक्का मानते थे, लेकिन चुनावों के दौरान भरी भीड़ के सामने लगाए इन गंभीर आरोपों से अब केजरीवाल पीछे हटने लगे हैं. मानहानि के मुकदमों से पिंड छुड़ाने के लिए वे एक-एक कर हर नेता से माफी मांग रहे हैं. आपको बात दें कि केजरीवाल के खिलाफ मानहानि के 33 मामले दर्ज हैं, जिनमें से उन्होंने 3 में माफी मांग ली है. जिसमे पहले पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया और अब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी तथा कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल से माफी मांगी है. तो चलिए हम आपको बताते है कि केजरीवाल ने किसपर क्या लगाया था आरोप.

पंजाब के मंत्री को कहा था ड्रग्स डीलर

पंजाब विधानसभा चुनावों के दौरान केजरीवाल ने मजीठिया को ड्रग्स डीलर बताया था. मजीठिया तब बादल सरकार में मंत्री थे. अब केजरीवाल ने माफीनामे में लिखा है, ‘मैं जान गया हूं कि सारे आरोप निराधार हैं, इसलिए मैं आपके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप और बयान वापस लेता हूं तथा उनके लिए माफी भी मांगता हूं.’ मजीठिया की 80 वर्षीय मां को जब यह माफीनामा दिखाया गया तो उनकी आंखों में आंसू आ गए थे.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पर भी लगाया था आरोप 

 

जिसमें सोलहवीं लोक सभा में परिवहन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का भी नाम शामिल था. गडकरी ने उसी साल मानहानि का मुकदमा कर दिया था. इस पर केजरीवाल ने कहा था, ‘इतने सबूत हैं कि माफी मांगने का कोई सवाल नहीं. मेरे पास गडकरी के खिलाफ सबूत हैं.’ बहरहाल, अब माफीनामे में लिखा है, ‘मैंने आपके खिलाफ बिना जांचे-परखे कुछ आरोप लगाए, जिससे आपको दुख हुआ. पूर्व में दिए अपने बयान के लिए अफसोस जाहिर करता हूं. पीछे की बातें भूलकर अदालती कार्यवाही बंद करें.’

बाप-बेटे दोनों से मांगा माफी 

 

15 मई, 2013 में एक प्रेस कांफ्रेंस में आप नेताओं ने कपिल सिब्बल के वकील बेटे अमित सिब्बल पर ‘निजी लाभ के लिए शक्तियों के दुरुपयोग’ का आरोप लगाया था. तब कपिल सिब्बल केंद्रीय संचार मंत्री थे. अब माफीनामे में लिखा है, ‘मैंने 15 मई, 2013 को एक प्रेस कांफ्रेंस में आपके और आपके पिता के खिलाफ कुछ आरोप लगाए थे. अब मुझे मालूम पड़ा है कि आरोप अपुष्ट थे. मैं आपके और आपके पिता के खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों के लिए माफी मांगता हूं.’

अरुण जेटली पर भी लगाया है आरोप 

केजरीवाल के खिलाफ जो सबसे बड़ा केस चल रहा है, वो है वित्तमंत्री अरुण जेटली का. डीडीसीए में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जेटली काफी गंभीर रहे हैं और उन्होंने इस मुकदमे को काफी तवज्जो भी दी है. यह मामला जिरह और बहस को लेकर सुर्खियों में भी रहा है. ऐसे में सवाल है कि क्या केजरीवाल जेटली से भी माफी मांगेंगे और जेटली उन्हें माफ कर देंगे?

कोर्ट की कार्रवाई में लगने वाले समय को बचाना चाहते हैं केजरीवाल 

मीडिया  खबरों  के मुताबिक केजरीवाल अपने खिलाफ दायर मानहानि के 33 मुकदमों से छुटकारा पाना चाहते हैं. तर्क है कि मुकदमे के कारण कोर्ट में काफी वक्त बर्बाद होता है. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने राजनेताओं के केस की फास्ट ट्रैक सुनवाई का आदेश दिया है. शायद उन्हें यह डर लग रहा हो कि सजा हो गई तो भविष्य की राजनीति पर भी असर पड़ेगा. मानहानि मामले में दो वर्ष तक की सजा या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। केजरीवाल के माफीनामे पर मनीष सिसोदिया ने कहा है कि वे अहंकार की लड़ाई नहीं लड़ना चाहते, क्योंकि वे जनता के लिए काम करना चाहते हैं.

टूट कर बिखरने लगी पार्टी की एकता

केजरीवाल ने भले ही कोर्ट केसों से मुक्ति पाने के लिए माफी मांगने का मन बनाया हो, लेकिन पार्टी के कई नेताओं के यह कदम रास नहीं आया है. खासतौर पर पार्टी की पंजाब यूनिट में भारी अंसतोष हैं. पार्टी के पंजाब प्रमुख भगवंत मान इस्तीफा दे चुके हैं. बताते हैं कि पंजाब में आप के 20 में से 14 विधायक अलग पार्टी बनाने का फैसला कर चुके हैं.

केजरीवाल के माफी मांगने से कुमार विश्वास भी बहुत गुस्से में हैं. उन्होंने ट्वीट किया था ‘एकता बांटने में माहिर है, खुद की जड़ काटने में माहिर है, हम क्या उस शख़्स पर थूकें जो खुद, थूक कर चाटने में माहिर है.’ पार्टी की जुझारू महिला नेता अंजलि दमानिया भी नाराज हैं.

अब केजरीवाल के खिलाफ जो बड़े केस बचे हैं, उनमें शामिल हैं – अरुण जेटली (वित्त मंत्री), पवन खेड़ा (शीला दीक्षित के पूर्व सहयोगी), अंकित भारद्वाज (भाजपा नेता), रमेश बिधुड़ी (भाजपा सांसद), विजेंद्र गुप्ता (भाजपा विधायक), नीरज सक्सेना (एक्टिविस्ट), सुभाष चंद्रा (एमपी) के लगाए मानहानि के केस.

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