सैकड़ों सालों तक जमीन में दफ़न होने के बावजूद ज्यों की त्यों है इंसानों और संतों की मृत शरीर

हिन्दू लोग शव का अंतिम संस्कार करने के लिए उस शव को जला देते हैं. वहीं दूसरे धर्म के लोग शव को जमीन में दफना देते हैं. आमतौर पर किसी व्यक्ति की मौत होने के कुछ समय बाद ही उसका शव खराब होने लगता हैं और इसे देर तक रखना काफी मुश्किल होता हैं. लेकिन दुनिया में कुछ लोगों की ऐसी भी डेड बॉडीज हैं, जो सदियां गुजरने के बाद भी आज सुरक्षित हालत में हैं.

कुछ तो बिना उपाय के सुरक्षित बनी रहीं, तो कुछ के लिए उपाय भी करने पड़े. लेकिन इन बॉडीज के बारे में जानकर लोगों को अजीबोगरीब लगता हैं. कि लंबा वक्त गुजरने के बाद भी ये सुरक्षित बनी हुई हैं और सही हालत में हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि एक ऐसी डेड बॉडी भी है जो करीब 2100 सालों से सुरक्षित है. आज हम आपको बता रहे हैं ऐसी डेड बॉडी के बारे में जिनके ऊपर सालों से कोई फर्क नहीं पड़ा. 2100 साल से सुरक्षित है इस रानी की बॉडी…

लेडी जिन झुई ( LADY XIN ZHUI)

लेडी जिन झुई की बॉडी को दुनिया की सबसे सुरक्षित ममी माना जाता है. लेडी जिन सूई हान राजवंश के एक राजनीतिज्ञ की पत्नी थी. उनकी मौत 163 ईसा पूर्व हुई थी. 2000 साल बाद 1972 में जब लेडी जिन सूई के मकबरे को खोदा गया तो बॉडी बेहद सुरक्षित मिली और नसों में खून अवशेष भी मिले. साइंटिस्ट्स ने अनुमान लगाया कि उनकी मौत हार्ट की बीमारी से हुई होगी.

सेंट जीटा

इटली के बैसिलिका डि सैन फ्रेडिआनो में सेंट जीटा की बॉडी भी किसी आश्चर्य से कम नहीं है. वे एक कैथोलिक संत थीं और जरूरतमंदों की देखभाल करती थीं. लोगों ने दावा किया कि 1272 में जब सेंट जीटा की मौत हुई थी तो उनके घर के ऊपर एक तारा (स्टार) दिखाई दिया था. 1580 में उनकी बॉडी को खोदकर निकाला गया तो यह सुरक्षित हालत में मिली. जीटा को 1696 में संत घोषित किया गया था.

जॉन टोरिंगटन (JOHN TORRINGTON) 

सन 1846 में अंग्रेज ऑफिसर जॉन टोरिंगटन नॉर्थवेस्ट पैसेज की रिसर्च में लगे थे. इस दौरान उनकी मौत हो गई. उस समय उनकी उम्र 22 साल की थी. मौत के बाद उनकी इस बॉडी को कनाडा में आर्कटिक के बैरन टुंड्रा में दफना दिया गया था. 1984 में टोरिंगटन की कब्र को शिफ्ट करने के लिए खोदा गया तो सभी लोग हैरान रह गए. टोरिंगटन की डेड बॉडी तक ज्यों की त्यों रखी हुई थी.

ला डोंसेला (LA DONCELLA)

दक्षिणी अमेरिका में एंडीज पर्वत की एक ऊंची जगह पर एक 500 साल पुरानी डेड बॉडी मिली थी. बताया जाता है कि यहां एक महिला की बलि दी गई थी जो बर्फ में जमे रहने से सुरक्षित रही.

डैशी-डोरजहो इटिगिलोव (DASHI-DORZHO ITIGILOV)

एक बौद्ध भिक्षु थे. 1927 में ध्यान करते हुए ही उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए थे. उनकी डेड बॉडी को ठीक इसी पोजिशन में जमीन में दफना दिया गया था. 1955 में इटिगिलोव के अनुयायियों ने उनकी समाधि स्थल को खोला तो बॉडी ध्यान करने की पोजिशन में ज्यों की त्यों थी. यह देखकर लोग हैरान हो गए. इसके बाद इस बॉडी को इटिगेल खाम्बयन पैलेस टेम्पल में रखवा दिया गया.

रोसालिआ लोम्बार्डो ( ROSALIA LOMBARDO)

सिसली की राजधानी पालेर्मो में दो साल की बच्ची रोसालिआ लोम्बार्डो की डेड बॉडी रखी हुई है. लोम्बार्डो की मौत 1920 में हुई थी. इसके बाद उसके पिता ने एक्सपर्ट्स की मदद से अपनी बेटी की बॉडी को सुरक्षित रखने का फैसला किया. एक्सपर्ट ने बॉडी को सुरक्षित रखने के लिए अल्कोहल, सैलीसाइलिक एसिड और ग्लिसरीन के मिश्रण से ऐसा केमिकल तैयार किया, जिससे यह बॉडी आज भी सुरक्षित रखी हुई है.

टोलुंड मैन (Tollund Man)

डेनमार्क के जटलैंड पेनिनसुला में टोलुंड मैन की बॉडी काफी संरक्षित हालत में है. वैज्ञानिकों का मानना है कि टोलुंड मैन की मौत चौथी ईसापूर्व शताब्दी में हुई. यह बॉडी जिस तरह की मिट्टी में रखी हुई है, उसमें डेड बॉडी को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का गुण है. यह डेड बॉडी लगभग 3359 से 3105 वर्ष ईसा पूर्व के बीच की है.

ओत्जी (Otzi)

इटली के साउथ टेयरोल में ठंड के कारण यह बॉडी आज भी काफी सुरक्षित है. यह लगभग 3359 से 3105 वर्ष ईसा पूर्व के बीच की है. यह यूरोप की सबसे पुरानी ममी है. यह बॉडी कॉपर एज की याद दिलाती है. डेड बॉडी में जो कपड़े हैं, वे घास और चमड़े से बने हैं. डेड बॉडी के पास एक कुल्हाड़ी, चाकू, तरकस और मुठ्ठी पर बेर मिले थे.

संत फ्रांसिस जेवियर ( St Francis Xavier)

भारत में ओल्ड गोवा के ‘बेसिलिका ऑव बोम जीसस’ में रखा हुआ, संत फ्रांसिस जेवियर का मृत शरीर आज भी सामान्य अवस्था में रखा है. यह जानकर आप आश्चर्यचकित रह जाएंगे कि यह शव विगत 460 वर्षों से बिना किसी लेप या मसाले के आज भी एकदम तरोताजा है.

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