इंडियन क्रिकेट टीम को ब्लाइंड क्रिकेट टीम की चुनौती

पिछले ही महीने ब्लाइंड क्रिकेट टीम ने वर्ल्ड कप के फाइनल में पाकिस्तान को 2 विकेट से हराकर खिताब जीता. जीत के बाद महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से ब्लाइंड क्रिकेट के संघ ‘क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इन इंडिया’ (CABI) को मान्यता देने और इसके खिलाड़ियों को बोर्ड के पेंशन स्कीम में शामिल करने की सिफारिश पिछले सप्ताह की थी.

 

मीडिया खबरों के मुताबिक पिछले कई सालों में बड़े-बड़े टूर्नामेंट जीतने के बाद भी भारत की ब्लाइंड क्रिकेट टीम और भारतीय दृष्टिहीन क्रिकेट संघ (क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इन इंडिया- CABI) को अब तक बीसीसीआई से मान्यता नहीं मिली है. बोर्ड के इस रवैये से नाराज होकर CABI के जनरल सेक्रेटरी जॉन डेविड ने विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम इंडिया को आंख पर पट्टी बांधकर ब्लाइंड क्रिकेट टीम के साथ खेलने का चैलेंज किया है.

एक न्यूज पोर्टल को दिए इंटरव्यू में संघ के प्रबंधक जॉन डेविड ने कहा है कि विराट कोहली की टीम को आंखों पर पट्टी बांधकर खेलना चाहिए और हमें होने वाली दिक्कतों को समझना चाहिए. डेविड ने कहा, ‘उन्हें हमारे साथ एक डेमो मैच खेलना चाहिए, जिसमें नेशनल टीम के प्लेयर्स आंख पर पट्टी बांधकर उतरें.’

पिछले कई सालों से भारतीय दृष्टिहीन क्रिकेट संघ को मान्यता देने की डिमांड की जा रही है. हाल ही में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर ने भी CoA (प्रशासकों की समिति) को एक लेटर लिखकर बीसीसीआई से रिक्वेस्ट किया था कि वो ब्लाइंड एसोसिएशन को अपने संरक्षण में लेकर इसके खिलाड़ियों को पेंशन स्कीम में लेकर आए.

खिलाड़ियों के आर्थिक हालात भी ऐसे हैं कि वे दिहाड़ी मजदूर के तौर पर काम करके अपना घर चलाते हैं. सालों से केबी और ब्लाइंड क्रिकेटर भारत सरकार और बीसीसीआई से गुहार लगा रहे हैं कि उन्हें मान्यता दी जाए, ताकि उनके आर्थिक हालात सुधरें.

भारत की ब्लाइंड क्रिकेट टीम स्थापना वर्ष 2011 में की गयी थी तब से लेकर इस टीम ने हालही में 20 जनवरी को पाकिस्तान को हराकर ब्लाइंड क्रिकेट वर्ल्ड कप जीता था. इसके अलावा वो दो टी-20 वर्ल्ड कप, दो एशिया कप और चार बाइलेटरल सीरीज भी जीत चुकी है. लेकिन अबतक इस टीम और उसके संघ को बीसीसीआई से मान्यता नहीं मिली है. जिसकी वजह से संघ के सदस्य और टीम के खिलाड़ी काफी नाराज है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *