पाकिस्तान में फैंसी दाढ़ी पर लगेगा प्रतिबंध

पिछले साल चीन के शिन्ज़ियांग प्रांत में मुसलमानों ‘असामान्य’ रूप से लंबी दाढ़ी रखने, सार्वजनिक स्थानों पर नक़ाब लगाने और सरकारी टीवी चैनल देखने जैसे कई प्रतिबन्ध लगाये गए. इन दिनों पाकिस्तान के एक प्रांत में भी लोगों में कई तरह की फैशन शैलियों में दाढ़ी को आकार देने पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक प्रस्ताव पारित कर दिया है.

दाढ़ी का उड़ाया जा रहा है मजाक

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में डेरा गाजी खान जिला परिषद ने फैशन शैलियों में दाढ़ी को आकार देने पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक प्रस्ताव पारित कर दिया है. इस प्रस्ताव में यह मुद्दा उठाया गया है कि जिस तरह से पाकिस्तानी युवा आज कल ‘दाढ़ी का मजाक’ उड़ा रहे हैं उस पर लगाम लगे. दरअसल दाढ़ी को तरह-तरह के आकार देने पर परिषद ने अपना गुस्सा जाहिर किया है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रस्ताव को प्रस्तुत करने वाले आसिफ खोसा के अनुसार , ‘युवाओं ने फैशन के नाम पर दाढ़ी के अलग-अलग डिजाइन किए हैं जो इस्लाम की शिक्षाओं के खिलाफ है.’ स्टाइलिश दाढ़ी के बढ़ते ट्रेंड के खिलाफ यह मांग की गई है.

इस प्रस्ताव में कहा गया है कि डेरा गाजी खान जिला परिषद के उपायुक्त को इस प्रवृत्ति पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया जाना चाहिए जो कि पाकिस्तानी युवाओं में लोकप्रिय होता जा रहा है. गाजी खान डेरे के मुताबिक ऐसा कर युवा इस्लाम का मजाक बना रहे हैं.

इस प्रस्ताव के जरिए उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की गई है जो उनके मुताबिक इस तरह ‘दाढ़ी का मजाक’ उड़ा रहे हैं. यह प्रस्ताव बहुमत से पारित किया गया है और आगे की कार्रवाई के लिए डिप्टी कमिश्नर को भेजा गया.

चीन में भी लग चुके हैं मुस्लिमों पर कई प्रतिबंध 

गौरतलब हो कि चीन सरकार ने शिन्ज़ियांग प्रांत में इस्लामी चरमपंथ के ख़िलाफ़ अभियान के तहत वीगर मुस्लिमों पर ‘असामान्य’ रूप से लंबी दाढ़ी रखने, सार्वजनिक स्थानों पर नक़ाब लगाने और सरकारी टीवी चैनल देखने से मना करने जैसी पाबंदियाँ  लगा चुका है.

इस्लाम में 1,400 साल पुरानी दाढ़ी रखने की परंपरा 

दाढ़ी रखने का भी अपना अंदाज़ और अलग-अलग शैली होती है. मिस्र में मुस्लिम ब्रदरहुड के सदस्य अमूमन संवरी हुई लंबी दाढ़ी और मूंछ रखते हैं. बेहद रुढ़िवादी और कट्टर मुसलमान माने जाने वाले सलफ़ी लोग बेतरतीब तरीक़े से अपनी दाढ़ी बढ़ाते हैं और अक्सर वे मूंछ भी नहीं रखते. दरअसल वे पैगंबर मोहम्मद का अनुसरण करने का दावा करते हैं जो 1,400 साल पहले शायद ऐसी ही दाढ़ी रखते थे.

सलफ़ी विचारधारा के कुछ लोग थोड़ी ज़हमत उठाकर अपनी दाढ़ी को कई रंग की हिना से भी रंगते हैं. उनकी दाढ़ी कभी गहरे भूरे रंग तो कभी चमकीले नारंगी रंग की दिखती है.

मिस्र में होस्नी मुबारक का शासन ख़त्म होने के बाद दाढ़ी रखने का चलन बड़े पैमाने पर शुरू हो गया है. कई सालों तक दाढ़ी को इस्लामी आंदोलन के प्रतीक के तौर पर देखा जाता था जिसे मुबारक अपनी सत्ता के लिए गंभीर ख़तरा मानते थे.

उनके शासनकाल में सरकारी कर्मचारियों जिनमें पुलिस अधिकारी से लेकर इजिप्ट एयर के पायलट शामिल हैं, उन्हें दाढ़ी रखने की मनाही थी. दाढ़ी रखने का ताल्लुक़ केवल मुस्लिम समुदाय से ही नहीं है. ज्यादातर कॉप्टिक ईसाई पादरी और चर्च से जुड़े लोग भी लंबी दाढ़ी रखते हैं.

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