अंटार्कटिका महाद्वीप का रहस्य जहा गायब हो गए सेना के जंगी जहाज और विमान

आज से 65 साल पहले यह घटना घटी थी. दक्षिणी ध्रुव यानी अंटार्कटिका के अध्ययन और अनुसंधान के इतिहास में इस घटना को बड़ी रहस्यमयी और अनूठी घटना समझा जाता है. विमानवाहक पोत ‘कसाब्लांका’ और युद्धपोत ‘मेर्डोक’ के साथ अमरीकी जहाज़ी बेड़ा तब दक्षिणी ध्रुव के अनुसंधान के अभियान पर अंटार्कटिका गया हुआ था.

गुप्त मिशन था सेना का 

1947 का साल तब शुरू ही हुआ था. ध्रुवीय इलाकों का अनुसंधान और अध्ययन करने वाले अमरीकी अनुसंधानकर्ता एडमिरल रिचर्ड ब्योर्ड अपने अभियान-दल के साथ अंटार्कटिका के तटवर्ती इलाके में पहुँच चुके थे. विमानवाहक पोत ‘कसाब्लांका’ और युद्धपोत ‘मेर्डोक’ भी उनके अभियान-दल के साथ थे, इसलिए किसी अनहोनी से भी डरने की कोई ज़रूरत नहीं थी. उनके इस गुप्त अभियान के उद्देश्य भी गुप्त थे और इस अभियान को नाम दिया गया था – ‘हाई-जम्प’ यानी ऊँची कूद. लेकिन इस नाम से भी अभियान के गुप्त उद्देश्यों पर कोई प्रकाश नहीं पड़ता है.

जंगी जहाज और सेना के कई जवान गवा कर लौटे खाली हाथ 

Murdoch warship kuchhnaya

उन्होंने ‘क्वीन मॉड लैंड’ के इलाके में डेरा डाल रखा था। क़रीब एक महीने तक अभियान-दल के सदस्य विमानों से इस इलाके की तस्वीरें लेते रहे. लेकिन अचानक ही यह अभियान बीच में ही रोक दिया गया और अभियान-दल अपने पूरे ताम-झाम के साथ वापिस अमरीका लौट गया. बाद में मालूम हुआ कि अभियान-दल पूरा नहीं लौटा था. अभियान दल के 40 सदस्य ग़ायब थे, ‘मेर्डोक’ नाम का वह युद्धपोत भी वापिस नहीं लौट पाया था और विमानवाहक पोत पर से 13 विमान कम हो गए थे.

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