माथे पर तिलक और बिंदिया लगाने से होते है चमत्कारी फायदे

वेदों पुराणों समेत प्राचीन काल से पहले या यूँ कहे कि राम-कृष्ण के जमाने से माथे पर तिलक यानि माथे पर टिका और बिंदिया लगाने की परंपरा रही है. जो अपने वंश और कुल की पहचान ही नहीं होती थी बल्कि इसका फायदा मानसिक और शारीरिक शांति के लिए भी काफी लाभकारी है. अक्सर आपने घर में, मंदिर में लोगों को अपने माथे पर टीका लगाते हुए देखा होगा.

आमतौर पर लोग चंदन, हल्दी, भस्म और कुमकुम का टीका अपने माथे पर लगाते हैं. जबकि महिलाएं बिंदिया को अपने सोलहों शृंगार में अहम् मानती है. पर क्या आप जानते हैं ऐसा करने के पीछे सिर्फ धार्मिक कारण ही नहीं बल्कि कई जबरदस्त वैज्ञानिक कारण भी हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही उन खास कारणों के बारे में जिन्हें जानने के बाद आप घर से निकलने से पहले माथे पर टीका लगाना कभी नहीं भूलेंगे.

बढ़ता है आत्मविश्वास

मनोविज्ञानिकों की माने तो आपकी दोनों भोंहों के बीच का भाग जहां आप तिलक लगाते हैं अग्नि चक्र कहलाता है. इस भाग को तीसरी आंख भी कहते हैं क्योंकि यहीं से आपके शरीर में शक्ति का संचार होता है. यही कारण है कि महिलाएं भी अपने माथे पर बिंदी इसी जगह लगाती हैं. इस जगह टीका लगाने से व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है.

 

हल्दी के तिलक देते है शांति और सुकून

माथे पर तिलक लगाने से व्यक्ति सुकून का अनुभव करता है. हल्दी के तिलक में एंटी बैक्टीरियल तत्व मौजूद होते हैं. जो कई तरह के रोगों से भी व्यक्ति को दूर रखते हैं. हल्दी से युक्त तिलक लगाने से त्वचा शुद्ध होती है.

उदासी दूर होती है

यह बात बहुत ही कम लोग जानते हैं कि चंदन का तिलक माथे पर लगाने से दिमाग में सेराटोनिन और बीटा एंडोर्फिन का स्त्राव संतुलित तरीके से होता है. जिसकी वजह से व्यक्ति उदासी भूलकर खुश रहने की कोशिश करता है. जिसकी वजह से मनुष्य खुद को अच्छे कामों में व्यस्त रखने की कोशिश करता रहता है. जिसकी वजह से तनाव और सिरदर्द में भी काफी हद तक कमी आती है.

पापों का नाश करता है चन्दन का तिलक 

धार्मिक मान्यता के अनुसार, चंदन का तिलक लगाने से मनुष्य के पापों का नाश होता है. लोग कई तरह के संकट से बच जाते हैं. ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, तिलक लगाने से ग्रहों की शांति होती है. माना जाता है कि चंदन का तिलक लगाने वाले का घर अन्न-धन से भरा रहता है और सौभाग्य में बढ़ोतरी होती है.

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