पहली बार जून महीने से 5G यानि 5वीं पीढ़ी के वायरलेस सिस्टम से बढ़ेगी इंटनेट स्पीड

अगर आप सुपरफास्ट इंटरनेट का सपना देख रहे हैं तो आपके लिए ये खुशी की खबर है. जून 2018 से भारत में 5G सेवा को एक नया आयाम मिल जाएगा. 5G के बारे में आपको एक बात बता देते हैं कि इसके इंटरनेट की स्पीड 4G से भी 10 गुना ज्यादा होगी.  5G टेक्नॉलजी का इस्तेमाल रक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और ऑटोमोबाइल जैसे अन्य सेक्टर्स में लाखों लोगों की जिंदगी में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाला होगा.

यानी कि अगर अभी आप 1GB का विडियो 10 मिनट में डाउनलोड कर रहे हैं तो 5G में यही विडियो आप केवल 1 मिनट में डाउनलोड कर पाएंगे. इतना ही नहीं इसमें HD विडियो कॉलिंग के साथ-साथ वॉयस कॉलिंग भी अच्छी क्वालिटी की मिलेगी.

5 G प्रोजेक्ट को पूरा करने 200 से अधिक रिसर्चर, स्टूडेंट्स और टीचर्स जुटे 

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भारत में 5G टेक्नॉलजी के विकास के लिए एक 300 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए 5 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के 200 से अधिक रिसर्चर, स्टूडेंट्स और टीचर्स ने हाथ मिलाया है. दूरसंचार विभाग के इस प्रोजेक्ट को इन संस्थानों के सहयोग से चलने वाला सबसे बड़ा प्रोजेक्ट बताया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट में टेक्नॉलजी कंपनियों, टेलिकॉम ऑपरेटर्स, ऐकडेमिक और स्टार्ट-अप में 5G का टेस्ट किया जाएगा ताकि इस पर रिसर्च और विकास किया जा सके.

इस प्रोजेक्ट में मद्रास, हैदराबाद, बॉम्बे, दिल्ली और कानपुर की आईआईटी के साथ इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस-बेंगलौर, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन वायरलेस टेक्नॉलजी और सोयायटी फॉर माइक्रोवेव इलेक्ट्रॉनिक्स इंजिनियरिंग ऐंड रिसर्च के अधिकारी और प्रफेसर्स शामिल हैं.

पहली बार 5G जून  में होगा शुरू 

वैश्विक रूप पर 5G से जुड़े मानकों को इस साल अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है. दूरसंचार मंत्रालय ने 5G रूपरेखा पर काम करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है. भारत को अगली पीढ़ी की इस प्रौद्योगिकी तक पहुंच तभी मिल जाए जबकि यह वैश्विक स्तर पर वाणिज्यिक रूप से उपलब्ध हो.

भारत सरकार का दूरसंचार विभाग 5G सेवाओं के लिए रूपरेखा को इस साल जून तक अंतिम रूप दे सकता है. दूरसंचार सचिव अरूणा सुंदरराजन ने यहां एसोचैम के कार्यक्रम में यह जानकारी दी. उन्होंने कहा, ‘इस साल जून तक, मुझे उम्मीद है कि हम भारत की 5जी रूपरेखा को सामने रख देंगे.’

सुंदरराजन ने कहा, ‘5G में हम कई तरह के प्रयोग करना चाह रहे हैं. इसलिए जब भी 5G आएगी भारत प्रौद्योगिकी व इस्तेमाल मामलों के लिहाज से अग्रणी होगी.’ इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विभाग सिमों के लिए नई नंबरिंग योजना पर काम कर रहा है जिनका इस्तेमाल मशीन से मशीन (M2M) संवाद में किया जाएगा.

5G के लिए बजट में भी हो चुकी है घोषणा 

बजट स्पीच में भी वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि टेलिकॉम डिपार्टमेंट 5G टेस्ट को पूरा सपॉर्ट करेगा और पूरी दुनिया के साथ यह 2020 तक पूरी दुनिया में काम करने लगेगा. पिछले साल भारत में 5G के रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट के लिए सरकार ने 500 करोड़ रुपये का बजट रखा है. जिससे इस प्रोजेक्ट को फंड किया जाएगा.

 

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