यहां मिलते है 270 किस्म के रसगुल्ले और 24 कैरेट शुद्ध सोने की मिठाई  

माना जाता है कि रसगुल्लों को उड़ीसा के जगन्नाथ पूरी में स्थित भगवान जगन्नाथ को भोग के रुप में चढ़ाया जाता रहा है। मगर उड़ीसा और पश्चिम बंगाल में रसगुल्ले के अविष्कार को लेकर काफी लंबी लड़ाई चलती रही। अंततः पश्चिम बंगाल ये लड़ाई जीत गया। यही वजह है की पश्चिम बंगाल की एक ऐसी जगह जहां 270 किस्म के रसगुल्ले बनाये जाते है। तो आइये जानते इतने किस्म के रसगुल्ले कौन और कैसे बनाता है…!

दो राज्यों में रसगुल्ले के आविष्कार को लेकर होती रही लड़ाई-:

दरसअल सन 1868 में प्रसिद्ध मिठाई विक्रेता नवीन चंद्र दास की दुकान पर रसगुल्ले बनाये जाते थे। जिसे बनाने के अधिकतर हलवाई बंगाल के उस हिस्से से आते थे जो अब ओडिशा के रूप में अलग राज्य बन चुका है। बस इसी वजह से पश्चिम बंगाल और उड़ीसा दोनों राज्य लड़ते रहे।
बहराल अब इस लड़ाई का अंत हो चुका है फैसला पश्चिम बंगाल के हक में आया है। जीआई (ज्योग्राफिकल इंडिकेशन ) पंजीकरण होने के बाद वैश्विक स्तर के प्रतिनिधित्व पश्चिम बंगाल कर रहा है। जिसके यहां बने रसगुल्ले भारत में ही अन्य कई देशों भी निर्यात किया जाता है।
इसी परंपरा को आज भी कायम रखा है कोलकता की स्वाति ने जो 270 किस्म के रसगुल्ले बनाती है। जिसमे करेला फ्लेवर लीची फ्लेवर, वॉटर मिलान फ्लेवर, चिली फ्लेवर प्रमुख है। स्वाति प्रतिदिन करीब 100 किलों रसगुल्ले बनाती है। स्वाति के द्वारा बनाये गए रसगुल्ले पूरीतरह से शुगर फ्री और नेचुरल।

इस वजह से मिला आइडिया-:

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दरअसल स्वाति को फल,सब्जी और मसालों वाले स्वाद के रसगुल्लों के बनाने का विचार उनकी मां से मिला। जो एक मधुमेह मरीज है। मधुमेह की मरीज होने के बावजूद उनकी मां स्वाति के द्वारा बनाये गये रसगुल्लों को बड़े ही चाव से खाती है। स्वाति की मां ने कहां क्यों न तुम इसे बेचने के लिए भी बनाती….!
जिसके फिर क्या था स्वाति प्रायोगिक तौर पर 50 रसगुल्लों को बनाया और अपने आसपास के पड़ोसियों और रिश्तेदारों को इसका स्वाद चखाया। जिसे लोगों ने काफी पसंद किया। इसके बाद तो स्वाति की दूकान चल पड़ी। वर्त्तमान में स्वाति करीब 270 स्वाद वाले रसगुल्ले बनाती है।
अब स्वाति के बनाए रसगुल्लों का स्वाद पूरा कोलकाता लेता है। स्वाति 270 तक ही नहीं रुकने वाली है उनका लक्ष्य है 500 किस्म के स्वादिस्ट और प्राकृतिक रसगुल्ले बनाने की। स्वाति को इस उपलब्धी के बदौलत उनको मुख्यमंत्री खाद्य प्रतियोगिता में कई पुरस्कार भी जीत चुकी है।

24 कैरेट शुद्ध सोने की मिठाई-:

गुजरात के सूरत शहर में 84 साल पुरानी 24 कैरेट मिठाई मैजिक नाम की एक दुकान है जो अपने ग्राहकों को 24 कैरेट शुद्ध सोने समेत सूखे मेवे की मिठाई बेचती है। दुकानदार द्वारा बाक़ायत अपने ग्राहकों को संतुष्ट करने और विश्वास दिलाने के लिए मिठाई के हर पैकेट में भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा जारी प्रमाण पत्र की एक छायाप्रति मुहैया कराई जाती है।

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सबसे अचंभित करने वाली बात यह है कि 24 कैरेट शुद्ध सोने की मिठाई की कीमत सौ, दो सौ या 500 रुपये नहीं बल्कि नौ हजार रुपये प्रति किलो है। दुकान के मालिक रोहन मिठाईवाला ने इस मिठाई की दुकान के सिल्वर जुबली के अवसर पर 12 अगस्त 2018 लांच किया था। वर्त्तमान में ये मिठाई पूरे सूरत शहर में मशहूर है।

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